UP Monsoon Update : उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद अब मानसून की दस्तक करीब नजर आ रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून बिहार सीमा से होते हुए गोरखपुर और महराजगंज के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। यदि मौसम की वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो 29 जून तक मानसून के लखनऊ पहुंचने और 1 से 2 जुलाई तक पूरे प्रदेश को कवर करने की संभावना है। इस बार मानसून सामान्य तिथि की तुलना में करीब आठ दिन देरी से पहुंच रहा है। मानसून आने से पहले प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
शुक्रवार सुबह से तेज धूप निकलने के कारण तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। कई इलाकों में बादलों की आवाजाही जरूर देखी जा रही है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिल रही। प्रदेश के कुछ हिस्सों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लू का असर भी बरकरार है।
UP Monsoon Update
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 32 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के प्रवेश से पहले ऐसे स्थानीय मौसमी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 जून से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़नी शुरू हो जाएंगी। 29 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जबकि पश्चिमी हिस्सों में हल्की वर्षा हो सकती है। 30 जून और 1 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
गर्मी से लोग परेशान
लखनऊ, अयोध्या, आगरा और अन्य शहरों में शुक्रवार को सुबह से तेज धूप और उमस का असर बना रहा। लखनऊ में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि अयोध्या में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया गया। दूसरी ओर आजमगढ़ में बादल छाने से तापमान कुछ कम हुआ और लोगों को हल्की राहत मिली। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून की पहली बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश का असमान वितरण
जून महीने के दौरान प्रदेश में बारिश का वितरण सामान्य नहीं रहा। कई जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में औसत से अधिक बारिश हुई। कौशांबी जैसे जिले अब तक लगभग सूखे की स्थिति में हैं। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून सक्रिय होने के बाद वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खरीफ फसलों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
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