GIDA Housing Project : गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) ने औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए सेक्टर-25 में नई मल्टीस्टोरी हाउसिंग परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले श्रमिकों के लिए बनाए गए फ्लैटों को अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब प्राधिकरण इस योजना का विस्तार करने जा रहा है। नई परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से लेकर उच्च आय वर्ग तक के लोगों के लिए अलग-अलग श्रेणी के फ्लैट विकसित किए जाएंगे। नई योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणी के आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए जमीन का चयन किया जा चुका है।
ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैटों के निर्माण के लिए करीब 2.25 एकड़ भूमि तय की गई है, जबकि एमआईजी और एचआईजी श्रेणी के फ्लैट लगभग 3.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार आवास उपलब्ध हो सकेगा।
GIDA Housing Project
परियोजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए निजी एजेंसी का चयन कर लिया गया है। एजेंसी फ्लैटों का आकार, कमरों की संख्या, अनुमानित लागत, निर्माण का स्वरूप और बिक्री मूल्य सहित सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का अध्ययन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इस योजना में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के फ्लैटों के आवंटन में GIDA क्षेत्र की फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिकों को प्राथमिकता देने की तैयारी है। इससे पहले सेक्टर-11 में बने श्रमिक आवासों का आवंटन भी औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को किया गया था। इस बार भी एक पूरा टावर श्रमिकों के लिए सुरक्षित रखने की योजना बनाई जा रही है, ताकि उन्हें कार्यस्थल के पास स्थायी आवास मिल सके और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
GIDA पहली बार मध्यम और उच्च आय वर्ग के लिए भी मल्टीस्टोरी फ्लैट विकसित करेगा। औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से निवेश बढ़ने के साथ कई बड़ी कंपनियां यहां अपने संयंत्र स्थापित कर रही हैं। ऐसे में अधिकारियों, कर्मचारियों और पेशेवरों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास की मांग भी बढ़ रही है। फिलहाल बड़ी संख्या में लोग शहर में किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
सेक्टर-25 के आसपास सेक्टर-27 और 28 में कई औद्योगिक परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। यहां पेय पदार्थ निर्माण इकाइयों के साथ प्लास्टिक पार्क की अनेक इकाइयां भी मौजूद हैं। नई आवासीय परियोजना के बसने के बाद क्षेत्र में आबादी बढ़ेगी, जिससे बाजार, व्यापार और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कालेसर-जगदीशपुर फोरलेन बाईपास से बेहतर संपर्क मिलने के कारण यह इलाका आवासीय दृष्टि से और अधिक आकर्षक बन सकता है।




