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Shyama Prasad Mukherjee Jayanti के संघर्ष से पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा, बोले सीएम योगी

Shyama Prasad Mukherjee Jayanti : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने डॉ. मुखर्जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और राष्ट्रीय एकता के लिए किए गए संघर्ष को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने के प्रयास हुए थे, लेकिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका मजबूती से विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी के दृढ़ नेतृत्व और संघर्ष की बदौलत पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहा।

Shyama Prasad Mukherjee Jayanti

योगी आदित्यनाथ ने इसे राष्ट्रहित के प्रति उनके समर्पण का बड़ा उदाहरण बताया। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1901 में बंगाल में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद शिक्षण क्षेत्र से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 33 वर्ष की आयु में उन्हें कोलकाता विश्वविद्यालय का कुलपति बनने का अवसर मिला। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

निभाई अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति (खाद्य) मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने देश की खाद्य सुरक्षा और औद्योगिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत खाद्य और औद्योगिक नीति तैयार करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही, जिसका प्रभाव देश के विकास पर लंबे समय तक दिखाई दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार की नीतियों से असहमति के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देते हुए जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष प्रावधानों और परमिट व्यवस्था का विरोध किया। इस आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और वर्ष 1953 में कश्मीर में उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्र की एकता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान बताया।

अनुच्छेद 370 हटने का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिस अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के लिए संघर्षरत रहे, उसे वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हटाकर उनके संकल्प को पूरा किया। उन्होंने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान पूरी तरह लागू है और डॉ. मुखर्जी से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

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