Prayagraj Firecracker Blast : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, वह घटना के बाद शहर से बाहर निकलने की कोशिश में था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे सैयद सरावां इलाके में पुलिस ने उसकी घेराबंदी की। आरोप है कि नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीओ शिवांक सिंह के अनुसार, मुठभेड़ के बाद नौशाद को हिरासत में लिया गया। उसके पास से एक अवैध तमंचा भी बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट के बाद वह किन जगहों पर छिपा था और फरार होने में किस-किस व्यक्ति ने उसकी मदद की।
Prayagraj Firecracker Blast
विस्फोट में जान गंवाने वाले 11 लोगों के शवों का पोस्टमॉर्टम आज कराया जाएगा। मृतकों में 8 बच्चे भी शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच चुके हैं। विस्फोट में आसपास के कई मकान भी तबाह हो गए थे। प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान के मुताबिक, पटाखा फैक्ट्री करीब दो साल से संचालित हो रही थी और उसका लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां पटाखों का निर्माण और भंडारण किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन ने मामले में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मालिक समेत 6 लोगों पर केस
मीरपुर गांव के रहने वाले गया प्रसाद साहू की शिकायत पर नौशाद और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। FIR में नौशाद, उसके बेटे आदिल, पत्नी कहकशा बानो, भाई शकील, भाभी शबाना और भतीजी साइना को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शबाना और साइना को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।शिकायतकर्ता गया प्रसाद के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के 5-6 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। उनके चार बच्चे जाह्नवी, आदित्य, रवि और अमित इस हादसे में मारे गए, जबकि उनकी पत्नी अनीता गंभीर रूप से घायल हैं। गया प्रसाद ने पटाखा निर्माण और भंडारण को हादसे की वजह बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रेलकर्मी के परिवार में भी चार मौतें
विस्फोट में रेलकर्मी विक्रम सरोज का परिवार भी तबाह हो गया। विक्रम, उनकी पत्नी अंजू और उनके दो बेटे अंश व शिवांश की मौत हो गई। परिवार की बड़ी बेटी संजना उस समय किराना दुकान से सामान लेने बाहर गई थी, इसलिए उसकी जान बच गई। हादसे के बाद पुलिस, एयरफोर्स, NDRF और SDRF के करीब 200 जवान राहत और बचाव अभियान में जुटे रहे। मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 11:30 बजे हुए विस्फोट के लगभग आधे घंटे के भीतर बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन रात करीब 11 बजे तक चला।
जनपद कौशाम्बी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।
मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
स्थानीय अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 31, 2026
पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
हादसे के कुछ घंटे बाद फैक्ट्री से करीब 400 मीटर दूर स्थित गोदाम को बुलडोजर से गिरा दिया गया। वहीं पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद थाना प्रभारी पिपरी विकास सिंह, चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी चायल मनीष पाल को लाइन हाजिर किया गया है। दो बीट सिपाही जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को निलंबित किया गया है। अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फैक्ट्री में विस्फोट किस वजह से हुआ।
स्थानीय महिला के मुताबिक, बिजली का खंभा गिरने के बाद वहां रखे बारूद में अचानक तेज धमाका हुआ। फैक्ट्री मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रही थी। प्रशासन अब हादसे के कारण और अवैध फैक्ट्री के संचालन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।
परिजनों को 2 लाख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। डीएम अमित पाल शर्मा ने कहा है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनकी संपत्ति भी कुर्क की जाएगी।
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