Siddharthnagar Medical College OPD Timing : सिद्धार्थनगर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों को अधिक सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओपीडी संचालन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी नए आदेश के तहत अब सभी विभागों की ओपीडी प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को पर्याप्त समय देकर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी के साथ-साथ मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, पर्चा और रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद नए मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। हालांकि जिन मरीजों का पंजीकरण पहले हो चुका होगा, उनका उपचार निर्धारित समय तक जारी रहेगा ताकि किसी को भी चिकित्सा सुविधा से वंचित न होना पड़े।
Siddharthnagar Medical College OPD Timing
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ओपीडी समय के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।
मरीजों को मिलेगा फायदा
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों को इलाज के लिए अधिक समय मिलेगा और ओपीडी सेवाओं की कार्यक्षमता में सुधार होगा। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा, क्योंकि अब उन्हें चिकित्सकीय परामर्श और उपचार के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध होगा। इससे मरीजों की भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
जनहित में लिया गया फैसला
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह निर्णय पूरी तरह मरीजों के हित और जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है। नई व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी, साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों को अधिक संगठित और सुविधाजनक उपचार व्यवस्था मिल सकेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बदलाव से जिले के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
Read More : Nirjala Ekadashi पर 1008 कलशों से हुआ बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी काशी





