8th Pay Commission : पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली और 8वें वेतन आयोग समेत कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 23 अगस्त को प्रांतीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कांत राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन में सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं पर चर्चा के साथ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। सम्मेलन में भर्ती वर्ष की परिभाषा में बदलाव के कारण पदोन्नति से वंचित रह गए कर्मचारियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।

कर्मचारियों की मांग है कि भारत सरकार के 12 अगस्त 2021 के शासनादेश के आधार पर पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ जल्द दिया जाए। उनका कहना है कि नियमों में बदलाव का असर कर्मचारियों के करियर पर नहीं पड़ना चाहिए।
8th Pay Commission
कर्मचारी संगठनों की ओर से कोरोना काल में रोके गए विभिन्न भत्तों को दोबारा शुरू करने की मांग भी रखी जाएगी। इनमें मकान किराया भत्ता, शिक्षा भत्ता और परिवार कल्याण भत्ता शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन सुविधाओं की बहाली से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। सम्मेलन में महंगाई भत्ते के 50 फीसदी हिस्से को मूल वेतन में शामिल कर एकीकृत वेतन तय करने की मांग भी उठेगी। कर्मचारियों का कहना है कि इसके आधार पर ग्रेड पे और अन्य भत्तों का निर्धारण किया जाना चाहिए। साथ ही हर पांच वर्ष में वेतन संशोधन की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी जाएगी।
बनेगी रणनीति
पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली सम्मेलन का सबसे प्रमुख मुद्दा रहेगा। कर्मचारी संगठन राष्ट्रीय पेंशन नीति (PFRDA) को समाप्त कर पुरानी परिभाषित पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। सम्मेलन में इस मांग को लेकर आगे के आंदोलन और रणनीति पर भी फैसला लिए जाने की संभावना है।
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