Varanasi SpiceJet Flights Suspended : वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से स्पाइसजेट ने अपनी सभी नियमित उड़ान सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी हैं। बढ़ती परिचालन लागत और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की लगातार महंगी होती कीमतों के बीच एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। गुरुवार शाम मुंबई जाने वाली फ्लाइट SG-506 वाराणसी से स्पाइसजेट की अंतिम नियमित उड़ान रही। इसके बाद कंपनी ने यहां से अपना पूरा संचालन रोक दिया और अपने विमानों को दिल्ली तथा मुंबई स्थित हैंगर में स्थानांतरित कर दिया।
स्पाइसजेट वाराणसी से अब तक दिल्ली, मुंबई, पुणे समेत कई प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित कर रही थी। कंपनी पहले ही दिल्ली और पुणे रूट की सेवाएं बंद कर चुकी थी, जबकि अब मुंबई की उड़ान भी समाप्त कर दी गई है।
Varanasi SpiceJet Flights Suspended
वाराणसी एयरपोर्ट से इंडिगो, एयर इंडिया और आकासा एयर की उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद सहित अन्य शहरों के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन विकल्प पहले की तुलना में काफी कम हो गए हैं। हवाई ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर केवल स्पाइसजेट तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ समय में कई अन्य एयरलाइंस ने भी वाराणसी से अपने संचालन में कटौती की है। इंडिगो ने हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए एक-एक उड़ान बंद की है, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मुंबई और बेंगलुरु रूट पर अपनी सेवाएं रोक दी हैं।
आकासा एयर भी अगले महीने से बेंगलुरु के लिए अपनी तीन उड़ानों का संचालन बंद करने जा रही है। इसके अलावा एयर इंडिया ने भी कुछ निर्धारित उड़ानों को रद्द किया है। लगातार घटती सेवाओं के कारण वाराणसी से आने-जाने वाली करीब 12 उड़ानें पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं।
यात्रियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां
उड़ानों की संख्या कम होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य महानगरों की यात्रा करने वालों के लिए अब सीटों की उपलब्धता घट सकती है। सीमित विकल्पों के कारण टिकटों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को टिकट मिलने में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
परिचालन लागत बनी बड़ी चुनौती
एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि एटीएफ की कीमतों में लगातार वृद्धि से कई रूट आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं रह गए हैं। इसी वजह से कंपनियां अपने नेटवर्क की समीक्षा कर रही हैं और कम मांग या अधिक लागत वाले मार्गों पर उड़ानों की संख्या घटा रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में अन्य एयरलाइंस की रणनीति पर भी यात्रियों की नजर बनी रहेगी।





