UP Yogi Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। राजभवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कई नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। पहले जहां छह मंत्रियों के शामिल होने की चर्चा थी, वहीं अब जानकारी सामने आ रही है कि कुल आठ विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। समारोह दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे आयोजित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी। राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
UP Yogi Cabinet Expansion
बीजेपी संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अंतिम रणनीति पर चर्चा के बाद नामों पर मुहर लगाई गई है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए मंत्रियों का चयन किया गया है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कृष्णा पासवान को राज्य मंत्री पद मिलने की संभावना है। वहीं सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल को स्वतंत्र प्रभार सौंपा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह विस्तार आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए काफी अहम माना जाएगा।
बीजेपी नेताओं ने बताया संतुलन वाला फैसला
कैबिनेट विस्तार को लेकर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पार्टी लंबे समय से इस विस्तार की तैयारी कर रही थी और अब संगठन के साथ सरकार में भी सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वांचल और काशी क्षेत्र को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि बीजेपी हर समाज को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है और मंत्रिमंडल विस्तार में भी यही झलक दिखाई देगी।
अखिलेश यादव के बयान पर बीजेपी का जवाब
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर तंज कसा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और संगठन जो भी फैसला करता है, उसका सम्मान किया जाता है। बीजेपी का कहना है कि सरकार और संगठन दोनों में संतुलन बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है।
नेपाल ने भारतीयों के लिए लागू किया नया नियम
इसी बीच नेपाल सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब बिना पहचान पत्र के नेपाल में प्रवेश नहीं मिलेगा। नेपाल के स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि भारत से आने वाले हर व्यक्ति को सीमा पर वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। इस फैसले के बाद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग रोजाना दोनों देशों के बीच आवाजाही करते हैं।
सीमा पर बढ़ाई गई जांच, यात्रियों को दी गई सलाह
नेपाल प्रशासन ने सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और रिकॉर्ड व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। ऐसे में नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों को आधार कार्ड, वोटर आईडी या अन्य मान्य पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। वहीं ट्रैवल एजेंसियों ने भी यात्रियों से यात्रा से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखने को कहा है।
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