UP Politics : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रोजगार और विकास को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी सरकार सरकारी भर्तियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को अपने कामकाज की उपलब्धि बता रही है, जबकि विपक्ष भर्ती प्रक्रिया और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा है। इसी राजनीतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित मिशन रोजगार कार्यक्रम से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पिछली सरकारों पर युवाओं के अधिकारों की अनदेखी करने और विकास को सीमित क्षेत्रों तक रखने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने अगले 6 महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य दोहराते हुए विपक्ष से कहा कि वह आंकड़े गिनता रहे, सरकार नियुक्ति पत्र बांटती रहेगी। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी सामने रखी।
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लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बताया। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों के विज्ञापन निकलते ही चयन प्रक्रिया को लेकर आशंकाएं पैदा हो जाती थीं। उनके मुताबिक योग्य होने के बावजूद सामान्य परिवारों के युवाओं को अवसर मिलने में परेशानी होती थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया है और अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
सैफई तक सीमित था विकास
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि पिछली सरकार के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के आवास और शौचालय जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में तत्कालीन सरकार ने अपेक्षित काम नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार गांवों और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश के कई इलाकों में माफिया और अपराधियों का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की है। कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने पिछली सरकारों के कामकाज की आलोचना भी की।
अब तक 9.5 लाख नौजवान उत्तर प्रदेश के अंदर बिना लेन-देन के सरकारी नौकरी प्राप्त किए हैं… pic.twitter.com/2G1ShXmM24
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2026
अक्टूबर में फिर शुरू होगा वितरण
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सितंबर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से नए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का सिलसिला फिर शुरू होगा। उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख सरकारी नियुक्तियों का लक्ष्य दोहराया और युवाओं से अपनी प्रतिभा का उपयोग प्रदेश के विकास में करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में अब आधुनिक ग्राम सचिवालय विकसित किए जा रहे हैं। इनमें ग्राम प्रधान, पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायकों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
‘विकसित भारत’ का सपना तब साकार होगा, जब ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ होगा।
उत्तर प्रदेश विकसित तब होगा, जब ग्राम पंचायत की इकाई ‘आत्मनिर्भर’ और ‘विकसित’ होगी… pic.twitter.com/5RleUB59nM
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2026
पंचायतों को मिलेगा अतिरिक्त धन
योगी ने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों का बेहतर उपयोग कर आय बढ़ा सकती हैं। उन्होंने घोषणा की कि पंचायत अपनी आय से जितनी धनराशि जुटाएगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी। नवनियुक्त अधिकारियों को उन्होंने स्मार्ट और मॉडल ग्राम पंचायत विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों में पद के हिसाब से पैसे मांगे जाते थे। उन्होंने मौजूदा भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बताया। वहीं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योग्य युवाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
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