UP Education News : उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10 लाख और बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में जल्द 1200-1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। यह राशि बच्चों की ड्रेस, जूते-मोजे और अन्य जरूरी सामग्री खरीदने के लिए दी जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के 52 सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में मिनी स्टेडियम बनाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन 10 लाख बच्चों के अभिभावकों के खातों में सीधे 1200 रुपये भेजे जाएंगे।
शिक्षक और अभिभावक बैठकों के दौरान बच्चों की ड्रेस और जरूरी सामग्री खरीदने के लिए परिवारों को प्रेरित करेंगे। विभाग का उद्देश्य है कि सभी बच्चे स्कूल में निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ पहुंचें और पढ़ाई के साथ उनकी अन्य जरूरतें भी पूरी हों।
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प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 1.25 करोड़ से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। विभाग पहले ही करीब 1.10 करोड़ बच्चों के अभिभावकों के खातों में ड्रेस, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी आदि के लिए राशि भेज चुका है। हर साल नए दाखिलों के चलते बड़ी संख्या में बच्चे इस योजना के दायरे में आते हैं। करीब 15 लाख बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराने और जरूरी दस्तावेज पूरे कराने की प्रक्रिया चल रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद इन बच्चों को भी राशि भेजी जाएगी।
मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
बेसिक शिक्षा विभाग अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में बनाए जा रहे 52 सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में मिनी स्टेडियम विकसित किए जाएंगे। इसके लिए खाली जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग की कोशिश है कि विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही खेल अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
खरीदी गई खेल सामग्री
बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी परिषदीय विद्यालयों में पांच-पांच हजार रुपये की खेल सामग्री खरीदने के लिए उपलब्ध कराई है। इसके अलावा बच्चों के लिए जिला, मंडल और राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। मिनी स्टेडियम बनने से इन गतिविधियों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए छह कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें सीएंडडीएस, यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम, लोक निर्माण विभाग और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम शामिल हैं। शासन ने संस्थाओं को समय पर निर्माण पूरा कराने और प्रत्येक तीन महीने में प्रगति की समीक्षा कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
नए मॉडल विद्यालय
प्रदेश के 26 जिलों में तीसरे चरण के सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय भी बनाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी। इनके निर्माण की जिम्मेदारी भी निर्धारित कार्यदायी संस्थाओं को दी गई है।
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