UP News : उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने साफ किया कि आने वाले महीनों में हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सभी विभाग अभी से तैयारी मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को राहत देना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी इलाके में पीने के पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। जहां पाइप्ड पानी की योजनाएं चल रही हैं, वहां नियमित निगरानी जरूरी है। जरूरत पड़ने पर टैंकर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया।
UP में गर्मी और सूखे की आशंका
उन्होंने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नहरों, तालाबों और पोखरों की सफाई का काम 30 मई तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इससे जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी। साथ ही, निकली हुई मिट्टी को कुम्हारों और पारंपरिक शिल्पकारों को मुफ्त देने की बात कही गई, जिससे उन्हें रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
सूखा प्रभावित जिलों पर विशेष नजर
सरकार पहले से सूखा झेल चुके 18 जिलों पर खास नजर रखेगी। 15 जून से 30 जुलाई के बीच हालात का आकलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सूखा घोषित करने की प्रक्रिया समय पर शुरू की जाएगी। स्थिति गंभीर होने पर एनडीआरएफ की मदद लेने में देरी न करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य से लेकर जिला स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने को कहा है। हर जरूरी जानकारी लगातार उच्च स्तर तक पहुंचती रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फैसला लिया जा सके। इससे राहत कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
सिंचाई और बिजली पर जोर
किसानों को राहत देने के लिए सभी नलकूप चालू हालत में रखने और खराब मशीनों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही पानी के संतुलित उपयोग और बर्बादी रोकने के लिए सख्ती बरतने को कहा गया है। फसल सुरक्षा के तहत अनुदानित बीज समय पर किसानों तक पहुंचाने और सही कृषि सलाह देने की बात कही गई। फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाने और नुकसान की स्थिति में जल्दी मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने पर भी जोर है।
खाद्यान्न आपूर्ति और जमाखोरी पर सख्ती
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी पात्र लोगों को समय पर राशन देने के निर्देश दिए गए हैं। भंडारण व्यवस्था मजबूत रखने और जरूरत पड़ने पर केंद्र से अतिरिक्त अनाज लेने की तैयारी रखने को कहा गया। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। हीट स्ट्रोक और लू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के साथ लोगों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है, ताकि वे बचाव के उपाय अपना सकें।
पशुधन और वन्यजीवों के लिए भी इंतजाम
गो-आश्रय स्थलों में पानी, चारा और इलाज की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वन विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि अभ्यारण्यों और पक्षी विहारों में जानवरों के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौसम की सटीक जानकारी समय पर लोगों और किसानों तक पहुंचे। प्रदेश में मौजूद हजारों प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की सेवाएं जरूरत पड़ने पर लेने की योजना भी तैयार रखी गई है।
तैयारी और टेल तक पानी पहुंचाने पर जोर
बैठक में खरीफ फसल की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरों का पानी आखिरी छोर तक पहुंचे, इसके लिए टेल फीडिंग व्यवस्था मजबूत की जाए। निगरानी बढ़ाने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हर किसान को सिंचाई का लाभ मिल सके।
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