Kanwar Yatra : यूपी की सड़कों पर इन दिनों कांवड़ियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेने जा रहे हैं तो कुछ वहां से लौट रहे हैं। शुक्रवार को अलीगढ़ के किसान संजय उर्फ संजू बाबा दो अलग-अलग कांवड़ लेकर निकले जिनमें से एक में उनकी 8 साल की बेटी राधा और दूसरी में 7 साल की भांजी देवांशी सवार हैं। उनका कहना है कि इस यात्रा के जरिए वह बेटियों के सम्मान संस्कार और धर्म-रक्षा का संदेश देना चाहते हैं।
अलीगढ़ के संजू बाबा 19 जुलाई को यात्रा पर निकले थे और 22 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल उठाया। इसके बाद उन्होंने दोनों बच्चियों को कांवड़ में बैठाकर गांव की ओर पैदल यात्रा शुरू कर दी। यात्रा के दौरान वह पहले 1 कांवड़ को करीब 50 मीटर आगे रखते हैं फिर पीछे लौटकर दूसरी बच्ची को लेकर आगे बढ़ते हैं।
Kanwar Yatra
हरियाणा के रोहतक से आए आठ शिवभक्त 13 फीट ऊंची कांवड़ के साथ शामली पहुंचे जहां हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसी कड़ी में बुलंदशहर निवासी 12 साल का अभिषेक हरिद्वार से 41 लीटर गंगाजल लेकर निकला है वहीं दिल्ली के रहने वाले योगेश हरिद्वार से 111 लीटर गंगाजल लेकर आ रहे हैं। योगेश ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के लिए भोले बाबा से मन्नत मांगी थी।
24 घंटे निगरानी में जुटी पुलिस
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी और एआई कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग की जा रही है जबकि पुलिस मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सावन के पहले सोमवार को कांवड़ रूट पर पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा मेरठ जोन में कांवड़ मार्गों पर पड़ने वाली शराब और नॉनवेज की दुकानों को बंद करा दिया गया है।
काशी में तिरंगे के साथ निकली यात्रा
काशी में शनिवार को दशाश्वमेध घाट पर कांवड़ यात्रा निकाली गई जिसमें कांवड़ियों के कंधों पर गंगाजल और हाथों में तिरंगा नजर आया। इस दौरान जल संरक्षण हम सभी का दायित्व का संदेश भी दिया गया। नमामि गंगे के गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि तिरंगा लेकर जल संरक्षण का संदेश देना समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जल संचय और देशप्रेम को धार्मिक आस्था के साथ जोड़ना आज के समय की जरूरत है।
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