UP Assembly : उत्तर प्रदेश विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं का विपक्ष ने पहले मजाक उड़ाया, लेकिन अब वही दल महिला आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के नाम पर जनधन खाते खोले गए थे। उस समय विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन कोविड के दौरान इन्हीं खातों के माध्यम से महिलाओं तक आर्थिक मदद पहुंचाई गई। उन्होंने इसे सरकार की दूरदर्शी सोच का उदाहरण बताया।
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देशभर में करोड़ों शौचालयों का निर्माण महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस पहल का भी मजाक उड़ाया, जबकि यह कदम महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ था। उनके अनुसार, इन योजनाओं ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जब उन्हें महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है, तो वे 33 प्रतिशत आरक्षण की बात कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन दलों का रुख समय के साथ बदलता रहा है और यह जनता से छिपा नहीं है।
पुराने घटनाक्रमों का भी किया जिक्र
अपने भाषण में योगी ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अतीत में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर इन दलों का रवैया स्पष्ट रहा है और जनता ने उसे देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वही दल महिलाओं के अधिकारों की बात कर रहे हैं, जो पहले इन मुद्दों पर गंभीर नहीं थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। उज्ज्वला योजना, स्टार्टअप और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया है और उनकी भागीदारी बढ़ी है।
अगर समाजवादी पार्टी कहती है कि हम लोग महिला आरक्षण के समर्थन में हैं तो फिर सदन में इस चर्चा में भाग लेकर संसद के अंदर हुई घटना की भर्त्सना करे… pic.twitter.com/vfzUn5bPIw
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 30, 2026
विपक्ष से माफी की मांग
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर होने से महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ी है। इसका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों का परिणाम बताया। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर विपक्ष सच में महिलाओं के लिए आरक्षण चाहता है, तो उसे अपने पुराने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि आचरण से भी महिलाओं के प्रति सम्मान दिखाना जरूरी है।
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