Ayodhya Vishnu Mahayagya : अयोध्या में अधिक मास के पावन अवसर पर रविवार को धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का भव्य स्वरूप देखने को मिला। विश्व शांति, मानव कल्याण और समस्त सृष्टि के मंगल की भावना के साथ आयोजित 25 दिवसीय श्री श्री 1008 श्री विष्णु महायज्ञ का समापन कच्चा घाट स्थित मां सरयू के तट पर वैदिक रीति-रिवाजों और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुआ। शाम होते-होते पूरा घाट श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति के माहौल से सराबोर नजर आया। समापन अवसर पर विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच मां सरयू का विधि-विधान से दुग्धाभिषेक किया गया।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने 1100 मीटर लंबी चुनरी और 251 किलोग्राम वजनी पुष्पमाला अर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान जय श्रीराम और धार्मिक जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
Ayodhya Vishnu Mahayagya
सरयू तट पर आयोजित संध्या आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। विशाल पुष्पमाला और चुनरी अर्पण के दौरान घाट का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना रहा। दीपों की रोशनी, वैदिक ध्वनियों और भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि लल्लू सिंह ने कहा कि मां सरयू करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और अयोध्या से निकलने वाला शांति का संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संघर्ष के दौर में ऐसे धार्मिक आयोजन मानवता को एकता, सद्भाव और शांति का संदेश देने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
पुण्य का श्रेष्ठ समय
महंत परशुराम दास महाराज ने अधिक मास के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह काल जप, तप, दान और धार्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ती अशांति को देखते हुए इस 25 दिवसीय विष्णु महायज्ञ का आयोजन लोकमंगल और विश्व कल्याण की भावना से किया गया। महायज्ञ के मुख्य यजमान राम कुमार पाल ने विश्वास व्यक्त किया कि मां सरयू की कृपा से समाज में प्रेम, भाईचारा और शांति का वातावरण मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि आस्था और सकारात्मक संकल्प के साथ किए गए ऐसे धार्मिक अनुष्ठान लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं और समाज में सद्भाव की भावना को बढ़ावा देते हैं।
श्रद्धालुओं की रही बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, मातृशक्ति और विभिन्न सामाजिक व जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष विशाल सिंह बाबा ने आयोजन की सफलता के लिए सभी संतों, सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति और लोकमंगल की परंपरा को और मजबूत बनाते हैं।





