Unique House : हर किसी का सपना होता है कि उसका घर खूबसूरत होने के साथ मजबूत और आरामदायक भी हो। लेकिन अगर कोई कहे कि घर बनाने में ईंट, सीमेंट, बजरी और पानी का इस्तेमाल ही नहीं किया गया, तो शायद यकीन करना मुश्किल होगा। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शादीपुर लाडवा गांव में कुछ युवाओं ने इसी सोच को हकीकत में बदल दिया है। यहां तैयार किए गए हाईटेक मकान देखने में आधुनिक होने के साथ कम लागत और पर्यावरण अनुकूल तकनीक के लिए भी चर्चा में हैं। शादीपुर लाडवा गांव के कपिल ने करीब 1500 वर्गफीट क्षेत्र में दो मंजिला मकान तैयार किया है।
इसे पारंपरिक ईंट-सीमेंट की तकनीक से नहीं बनाया गया। मकान का मुख्य ढांचा लोहे के पिलर पर तैयार किया गया है। कपिल के मुताबिक, इस घर को तैयार करने से पहले उन्होंने करीब दो से तीन साल तक इस तरह के निर्माण की तकनीक पर जानकारी जुटाई और प्रयोग किए।
Unique House
घर के निर्माण में करीब 157 किलोग्राम मेटल का इस्तेमाल किया गया है। मकान को अलग-अलग मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। छत पर सामान्य टिन से अलग विशेष तरह की शीट लगाई गई है। निर्माण में इस्तेमाल तकनीक की वजह से घर में सीलन और दीवारों पर पपड़ी जैसी समस्याएं नहीं आने का दावा किया गया है। कपिल ने बताया कि पहले यहां उनका पुश्तैनी मकान था। पुराने घर के गार्डर और निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत ने उन्हें कम खर्च में आधुनिक मकान तैयार करने का विचार दिया। इसके बाद उन्होंने इस तकनीक पर काम शुरू किया। मकान के पिलर करीब 9 फीट लंबे हैं, जबकि उनकी नींव लगभग 4 फीट रखी गई है। पूरे क्षेत्र का आकार करीब 90×60 फीट बताया गया है।
किचन की सुविधा
मकान की पहली मंजिल पर हॉल, मॉड्यूलर किचन, दो बेडरूम और बाथरूम बनाया गया है। यानी इसका डिजाइन करीब 2 बीएचके के हिसाब से तैयार किया गया है। घर के अंदर का इंटीरियर भी आधुनिक तरीके से किया गया है। इस मकान की सबसे खास बात इसके तापमान को लेकर किया गया दावा है। कपिल के मुताबिक, घर का अंदरूनी तापमान सामान्य तौर पर बाहर के तापमान से करीब 5 डिग्री सेल्सियस कम रहता है। इसके अलावा इसे शोर को काफी हद तक रोकने वाला भी बताया गया है।
बनाया था ऐसा घर
कपिल के दोस्त बंटी उर्फ संदीप ने भी इसी तकनीक से घर तैयार किया है। बताया गया कि बंटी के मकान को बनाने में करीब 10 लाख रुपये खर्च हुए थे। दोनों मकानों में तैयार दीवारों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सामान्य निर्माण की तुलना में वायरिंग का काम भी कम करना पड़ा। कपिल के मुताबिक, घर के इंटीरियर पर करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए। इसमें फर्नीचर, पीओपी और सजावट समेत अन्य काम शामिल हैं। दीवारों पर पीओपी और पेंट के अलावा कई परतों वाली कोटिंग भी कराई गई है। सभी खर्चों को मिलाकर मकान करीब 37 लाख रुपये में तैयार हुआ।
कपिल का कहना है कि इसी तरह के स्ट्रक्चर वाला मकान डिजाइन और जरूरत के हिसाब से करीब 25 लाख रुपये में भी तैयार किया जा सकता है। आधुनिक डिजाइन, कम निर्माण समय और अलग तकनीक के कारण गांव में बना यह मकान आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।




