Russia News : अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैटक्लिफ अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से रूस गए हैं। CIA निदेशक बनने के बाद यह उनका पहला रूस दौरा है। खास बात यह है कि उनकी यात्रा को लेकर अमेरिका की ओर से पहले कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। फ्लाइट-ट्रैकिंग जानकारी के मुताबिक C-17 विमान अमेरिका के जॉइंट बेस एंड्रयूज से 23 अगस्त को लातविया की राजधानी रीगा पहुंचा था।
मंगलवार सुबह करीब 9 बजे विमान मॉस्को के लिए रवाना हुआ और व्नुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा। विमान RCH4555 कॉल साइन से उड़ान भर रहा था। रूस के हवाई क्षेत्र से होकर अमेरिकी सैन्य विमान का मॉस्को पहुंचना अपने आप में असामान्य घटनाक्रम माना जा रहा है।
Russia पहुंचे CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ
रैटक्लिफ के मॉस्को पहुंचने की खबर सामने आने से पहले रूसी अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें अमेरिकी C-17 की मॉस्को यात्रा की जानकारी नहीं है। अमेरिकी सरकार ने भी अभी तक इस दौरे को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी है। ऐसे में रैटक्लिफ की यात्रा के उद्देश्य को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CIA प्रमुख मॉस्को में कई बैठकों में शामिल हो रहे हैं।
वह किन रूसी अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं और बातचीत का एजेंडा क्या है, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और रूस के बीच बातचीत की कोशिशें किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंची हैं।
यूक्रेन युद्ध के बीच दौरा अहम
अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में CIA निदेशक का सीधे मॉस्को पहुंचना और रूसी अधिकारियों से मुलाकात करना कूटनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि रैटक्लिफ की बैठकों में यूक्रेन युद्ध मुख्य मुद्दा है या नहीं। रैटक्लिफ से पहले मॉस्को जाने वाले आखिरी ज्ञात CIA निदेशक विलियम बर्न्स थे। उन्होंने नवंबर 2021 में रूस की यात्रा की थी। इसके कुछ महीनों बाद फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया था। इसी वजह से रैटक्लिफ की यात्रा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष नजर है।
क्या है C-17 ग्लोबमास्टर?
C-17 ग्लोबमास्टर III अमेरिकी वायुसेना का भारी सैन्य परिवहन विमान है। इसका इस्तेमाल सैनिकों, टैंकों, सैन्य वाहनों और भारी सैन्य सामान को लंबी दूरी तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। जरूरत पड़ने पर इससे राहत सामग्री पहुंचाने, सैनिकों को निकालने और हवाई मार्ग से सामान उतारने जैसे मिशन भी किए जाते हैं। यह लड़ाकू विमान या बॉम्बर नहीं है। भारत ने अमेरिका से C-17 ग्लोबमास्टर III विमानों की खरीद की है। भारतीय वायुसेना के पास कुल 11 C-17 विमान हैं, जिन्हें 81 स्क्वाड्रन ‘स्काई लॉर्ड्स’ में शामिल किया गया है।
इनका इस्तेमाल सैनिकों और भारी सामान को तेजी से पहुंचाने के साथ राहत और बचाव अभियानों में भी किया गया है। यमन से भारतीयों को निकालने, सूडान के रेस्क्यू ऑपरेशन और लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य लॉजिस्टिक्स में भी C-17 की भूमिका रही है।
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