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Travel Insurance: 45 पैसे के IRCTC इंश्योरेंस से नहीं मिलेगा 10 लाख का क्लेम! पहले पूरा करें यह जरूरी काम

Travel Insurance : आज के दौर में ऑनलाइन टिकट बुकिंग लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। ट्रेन, फ्लाइट, बस या कैब, लगभग हर यात्रा अब मोबाइल से कुछ मिनटों में बुक हो जाती है। टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को बेहद कम प्रीमियम में दुर्घटना बीमा (ट्रैवल इंश्योरेंस) लेने का विकल्प भी दिया जाता है। अधिकांश लोग बिना शर्तें पढ़े इस विकल्प को चुन लेते हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि केवल इंश्योरेंस का विकल्प चुन लेना ही पर्याप्त नहीं होता। कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करने पर दुर्घटना की स्थिति में बीमा राशि मिलने में बड़ी परेशानी आ सकती है।

जब यात्री IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तब पेमेंट से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस का विकल्प दिखाई देता है। महज 45 पैसे के अतिरिक्त शुल्क पर 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है। कम कीमत होने के कारण अधिकांश यात्री इस विकल्प को चुन लेते हैं, लेकिन यहीं सबसे बड़ी चूक भी हो जाती है।

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टिकट बुक होने के बाद बीमा कंपनी यात्रियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल पर पॉलिसी नंबर और एक लिंक भेजती है। इसी लिंक के माध्यम से नॉमिनी का नाम, उम्र, संबंध और पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करनी होती है। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती तो किसी दुर्घटना की स्थिति में परिवार को क्लेम प्राप्त करने में कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। कई मामलों में उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) प्रस्तुत करना पड़ता है, जिससे क्लेम मिलने में काफी समय लग सकता है।

ऑनलाइन टिकट पर ही लागू होता है यह बीमा

यह सुविधा केवल उन यात्रियों के लिए उपलब्ध होती है, जिन्होंने IRCTC की वेबसाइट या ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक किया हो। रेलवे काउंटर से खरीदे गए टिकटों पर यह ट्रैवल इंश्योरेंस लागू नहीं होता। वहीं, रेल दुर्घटना के बाद सरकार या रेल मंत्रालय द्वारा घोषित अनुग्रह राशि इस बीमा से पूरी तरह अलग होती है। ऑनलाइन फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म भी यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस का विकल्प देते हैं। आमतौर पर 149 से 399 रुपये तक के प्रीमियम पर 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा फ्लाइट मिस होने, सामान खोने, मेडिकल इमरजेंसी या यात्रा रद्द होने जैसी परिस्थितियों में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान रहता है। हालांकि यहां भी पॉलिसी जारी होने के बाद नॉमिनी की जानकारी अपडेट करना जरूरी होता है।

इंश्योरेंस का लाभ

ऑनलाइन बस टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी बेहद कम प्रीमियम में दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है। निजी और सरकारी बसों के यात्रियों को अलग-अलग शर्तों के तहत मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में लाखों रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है। कई योजनाओं में अस्पताल में भर्ती होने का खर्च और सामान के नुकसान की भरपाई का भी प्रावधान शामिल रहता है।

यूपी रोडवेज जैसी सरकारी बस सेवाओं में यात्रियों के टिकट किराये में ही दुर्घटना बीमा शामिल होता है। इसके लिए अलग से किसी विकल्प का चयन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं, ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब सेवाएं भी बेहद कम प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराती हैं। यात्रा बुक करते समय इस विकल्प को नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैवल इंश्योरेंस तभी प्रभावी साबित होता है जब यात्री उसकी सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करें। केवल इंश्योरेंस खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। नॉमिनी की जानकारी दर्ज करना, पॉलिसी सुरक्षित रखना और शर्तों को समझना उतना ही जरूरी है। कुछ मिनट का यह काम भविष्य में परिवार को बड़ी कानूनी और आर्थिक परेशानियों से बचा सकता है।

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