Mango Festival Lucknow : लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव में आम प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। 3 से 5 जुलाई तक चल रहे इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से 800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। यह महोत्सव केवल आमों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को खरीदारों, निर्यातकों और बागवानी विशेषज्ञों से जोड़ने का भी बड़ा मंच बन गया है।
पहली बार आयोजन में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन और तकनीकी कार्यशालाओं पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि आम उत्पादकों को नई तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। इसका स्वाद हल्का होने के कारण इसे मधुमेह के मरीज भी पसंद करते हैं।
Mango Festival Lucknow
महोत्सव में हर आम अपनी किसी न किसी खासियत की वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है। किसी की पहचान उसके नाम से है तो कोई अपने रंग, आकार, खुशबू या स्वाद के कारण चर्चा में है। ‘मोदी मैंगो’ अपने नाम की वजह से लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं सेंसेशन आम अपने रंग, हाथीझूल और राजा वाला आम अपने बड़े आकार और वजन के कारण लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। खुशबू के मामले में ‘गुलाब खास’ को सबसे अलग माना जा रहा है।
‘अंबिका’ सबसे महंगा आम
महोत्सव में सबसे ज्यादा चर्चा ‘अंबिका’ आम की हो रही है, जिसकी कीमत 800 रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है। लखनऊ के आम उत्पादक अरुण कुमार कनौजिया ने बताया कि उनके स्टॉल पर 165 किस्मों के आम प्रदर्शित हैं, लेकिन सबसे अधिक लोग अंबिका के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह आम सितंबर महीने में तैयार होता है। बरसात के बाद इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है, इसलिए इसकी मांग काफी अधिक रहती है। उनका कहना है कि इसकी कीमत कई बार बादाम से भी ज्यादा हो जाती है।
थाईलैंड की किस्म अब मलिहाबाद में भी तैयार
महोत्सव में थाईलैंड की प्रसिद्ध ‘चकापात’ किस्म भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। खास बात यह है कि अब इस विदेशी किस्म की खेती मलिहाबाद के बागानों में भी सफलतापूर्वक की जा रही है। इससे स्थानीय किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं और विदेशी किस्मों की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखंड से आए आम उत्पादक संजय अपने साथ 35 किस्मों के आम लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि ‘टॉमी एटकिंस’ अमेरिकी किस्म का आम है, जिसकी कीमत करीब 350 रुपये प्रति किलो है।
वहीं ‘अरुणिमा’ आम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि तोड़ने के बाद भी यह करीब 20 दिनों तक सुरक्षित रहता है। इसके अलावा ‘एप्पल आम’ भी लोगों की उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है, क्योंकि इसका रंग-रूप और स्वाद काफी हद तक सेब जैसा महसूस होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नई किस्में भारतीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।




