UP News : उत्तर प्रदेश में वित्तविहीन विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के बाद अब प्रदेश के 35 हजार से अधिक वित्तविहीन स्कूलों के करीब तीन लाख से ज्यादा शिक्षकों और उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। शासन के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है।
इसमें वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की निर्धारित प्रारूप पर जानकारी जुटाकर उसका सत्यापन कराने और एक सप्ताह के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य पात्र शिक्षकों को जल्द योजना से जोड़ना है।
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योजना का लाभ लेने के लिए वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। आवेदन के दौरान शिक्षक को अपने साथ अपने आश्रितों की जानकारी भी दर्ज करनी होगी। इसमें नाम समेत अन्य विवरण आधार कार्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार भरना जरूरी होगा, ताकि रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी न रहे। शिक्षकों की ओर से पोर्टल पर आवेदन और आश्रितों का विवरण दर्ज करने के बाद संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक इसकी जांच करेंगे। प्रधानाध्यापक आवेदन का सत्यापन और अनुमोदन कर उसे आगे की प्रक्रिया के लिए भेजेंगे। विभाग की ओर से सभी पात्र शिक्षकों का डाटा तैयार करने के बाद उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
वित्तविहीन शिक्षकों की बारी
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में पहले राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक शामिल किए गए थे। अब वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों और उनके आश्रितों को जोड़ने से प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
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