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Kolkata में अवैध निर्माण पर KMC की बड़ी कार्रवाई, शहर के 6 इलाकों को घोषित किया गया रेड जोन

Kolkata News : Kolkata Municipal Corporation (केएमसी) ने शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण को लेकर बड़ा खुलासा किया है। नगर निगम के भवन विभाग ने कोलकाता के छह प्रमुख बोरो क्षेत्रों में करीब 3,000 ऐसी इमारतों की पहचान की है, जहां निर्माण नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। इन इलाकों को निगम ने अनौपचारिक रूप से “रेड जोन” की श्रेणी में रखा है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सबसे खराब स्थिति तिलजला-तपसिया क्षेत्र की है। यहां बीते दो दशकों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें बिना अनुमति और नक्शा स्वीकृति के बनाई गईं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस इलाके में बने करीब 70 प्रतिशत भवनों के पास वैध मंजूरी नहीं है।

Kolkata में अवैध निर्माण पर KMC की बड़ी कार्रवाई

केएमसी के मुताबिक तिलजला, तपसिया, चौभागा और बाइपास से सटे इलाकों में अवैध निर्माण अब सामान्य बात बन चुकी है। पूरे तिलजला-तपसिया बेल्ट को ही अब “रेड जोन” माना जा रहा है। भवन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केवल तिलजला-तपसिया क्षेत्र में लगभग 1,000 इमारतें ध्वस्तीकरण की सूची में शामिल हैं। इनमें कई ऐसे बहुमंजिला अपार्टमेंट हैं जो बेहद घनी आबादी वाले इलाकों में बिना किसी वैध अनुमति के खड़े कर दिए गए।

अधिकारियों का कहना है कि कई निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की गई है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों की आशंका बनी हुई है।

कार्रवाई में अधिकारियों को झेलना पड़ रहा दबाव

केएमसी अधिकारियों ने माना कि इन संवेदनशील इलाकों में कार्रवाई करना आसान नहीं है। कई बार भवन विभाग के कर्मचारियों को स्थानीय विरोध, धमकी और टकराव जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि नियमित निरीक्षण और कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

अधिकारियों के अनुसार बड़ा बाजार-चितपुर, गार्डेनरीच-मेटियाबुरुज और एकबालपुर जैसे इलाकों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है, जहां स्थानीय प्रभाव और कमजोर निगरानी के कारण अवैध निर्माण तेजी से बढ़ा है।

गार्डेनरीच हादसे के बाद बढ़ी सख्ती

मार्च 2024 में गार्डेनरीच इलाके में हुई इमारत ढहने की घटना ने प्रशासन को झकझोर दिया था। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद नगर निगम ने अवैध निर्माणों के खिलाफ निगरानी और सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने बोरो इंजीनियरों को विशेष टीम बनाकर नियमित अभियान चलाने और जोखिमपूर्ण इमारतों की पहचान तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बिजली और पानी कनेक्शन काटने की तैयारी

राज्य सरकार की ओर से भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। Suvendu Adhikari ने इन संवेदनशील इलाकों का जिक्र करते हुए बिजली वितरण कंपनी और केएमसी को अवैध इमारतों का ऑडिट करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही ऐसे भवनों की बिजली और पानी आपूर्ति बंद करने की संभावना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त संदेश दिया जा सके।

शहर की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

कोलकाता में लगातार बढ़ते अवैध निर्माण ने अब शहरी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में ऐसे हादसों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल नगर निगम की नजर रेड जोन घोषित किए गए इलाकों पर टिकी हुई है।

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