Foreign Travel Tax: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाए जाने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार ऐसा कोई कदम उठाने पर विचार नहीं कर रही है। PM मोदी ने लिखा, “यह पूरी तरह गलत खबर है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। विदेश यात्रा पर इस तरह की पाबंदियां लगाने का सवाल ही नहीं उठता।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया स्पष्टीकरण
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत सरकार विदेश यात्राओं पर टैक्स या अतिरिक्त शुल्क लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। कहा जा रहा था कि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। इन खबरों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की और ऐसी किसी भी योजना से इनकार कर दिया।
Foreign Travel Tax: हाल में विदेश यात्रा टालने की अपील कर चुके हैं मोदी
हालांकि, पिछले दो दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोगों से विदेश यात्राएं कम करने और ईंधन बचाने की अपील जरूर की थी।
Foreign Travel Tax: वडोदरा में बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं
11 मई को गुजरात के वडोदरा में पीएम मोदी ने कहा था कि जहां संभव हो वहां पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस तथा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाएं। उन्होंने विदेश में रहने वाले भारतीयों से भी भारत में पर्यटन बढ़ाने की अपील करते हुए कहा था कि वे विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने लाएं।
हैदराबाद में दी थीं 5 बड़ी अपीलें
10 मई को हैदराबाद की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संकट और महंगे ईंधन का जिक्र करते हुए लोगों से कुछ समय तक विदेश यात्राएं टालने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देशहित में लोगों को ईंधन बचत, कारपूलिंग, मेट्रो यात्रा और प्राकृतिक खेती जैसे उपाय अपनाने चाहिए।
पीएम मोदी की प्रमुख अपीलें
- एक साल तक सोना खरीदने से बचने की सलाह
- पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर जोर
- कारपूलिंग और मेट्रो उपयोग की अपील
- खाने के तेल का सीमित इस्तेमाल करने की सलाह
- रासायनिक उर्वरकों की जगह प्राकृतिक खेती अपनाने पर बल
- विदेश यात्राएं कुछ समय के लिए टालने की अपील
वैश्विक हालात का दिया था हवाला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वैश्विक संघर्षों और बढ़ती ईंधन कीमतों का असर भारत पर भी पड़ रहा है। ऐसे में विदेशी मुद्रा बचाने और संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए लोगों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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