Travel : आज जमशेदपुर की पहचान बड़े उद्योगों, चौड़ी सड़कों और हरियाली वाले शहर के रूप में होती है, लेकिन करीब एक सदी पहले यहां का नजारा बिल्कुल अलग था। 20वीं सदी की शुरुआत में वर्तमान जमशेदपुर के इलाके में साकची नाम का छोटा आदिवासी गांव और आसपास घना जंगल हुआ करता था। इसी क्षेत्र को बाद में देश के बड़े औद्योगिक शहरों में शामिल होने का गौरव मिला। भारत में अपना स्टील उद्योग खड़ा करने का सपना जमशेदजी नसरवानजी टाटा ने देखा था।
उनके निधन के बाद उनके बेटे दोराबजी टाटा ने इस सपने को आगे बढ़ाया। लंबे सर्वे और तलाश के बाद सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम के पास स्टील प्लांट के लिए जगह चुनी गई। धीरे-धीरे यहां औद्योगिक गतिविधियां बढ़ीं और साकची के आसपास एक आधुनिक शहर आकार लेने लगा।
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शहर का नाम जमशेदपुर कब और कैसे पड़ा, यह भी इसकी कहानी का अहम हिस्सा है। वर्ष 1919 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड ने जमशेदजी टाटा के सम्मान में इस शहर का नाम जमशेदपुर रखा। इसके बाद यह स्थान देश के औद्योगिक विकास की कहानी का महत्वपूर्ण केंद्र बनता चला गया। जमशेदपुर की प्रशासनिक व्यवस्था इसे दूसरे बड़े शहरों से अलग बनाती है। यहां पारंपरिक नगर निगम व्यवस्था नहीं है। शहर के कई हिस्सों में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी टाटा स्टील से जुड़ी व्यवस्था संभालती रही है। सुनियोजित सड़कों, हरियाली और औद्योगिक ढांचे के कारण जमशेदपुर को देश के व्यवस्थित शहरों में गिना जाता है।
शहर की खूबसूरती
जमशेदपुर घूमने वालों के लिए जुबली पार्क प्रमुख आकर्षण है। करीब 200 एकड़ में फैला यह पार्क परिवार के साथ समय बिताने, टहलने और पिकनिक के लिए पसंद किया जाता है। शाम के समय इसकी रोशनी और फाउंटेन इसे और आकर्षक बना देते हैं। शहर की व्यस्तता से दूर जाना हो तो डिमना झील और दलमा वन्यजीव अभयारण्य बेहतर विकल्प हैं। डिमना झील शांत वातावरण और प्राकृतिक नजारों के लिए जानी जाती है, जबकि दलमा का इलाका जंगल, पहाड़ियों और हाथियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां ट्रेकिंग और प्रकृति को करीब से देखने का अनुभव लिया जा सकता है।
चिड़ियाघर और हुडको लेक भी हैं खास
जुबली पार्क परिसर में स्थित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क वन्यजीव प्रेमियों और बच्चों के बीच लोकप्रिय है। वहीं टेल्को क्षेत्र की हुडको झील शांत माहौल और सूर्यास्त के खूबसूरत दृश्यों के लिए जानी जाती है। जमशेदपुर की औद्योगिक पहचान के कारण इसे ‘भारत का पिट्सबर्ग’ कहा जाता है। अमेरिका के पिट्सबर्ग की तरह यहां भी नदियों के आसपास स्टील उद्योग का विकास हुआ। टाटा स्टील के विस्तार के साथ जमशेदपुर एशिया के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में उभरा। उद्योग के साथ हरियाली और योजनाबद्ध विकास का संतुलन इस शहर को खास पहचान देता है।
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