Mathura Krishna Janmabhoomi : मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र स्थित जुल्हेंदी के चित्रगुप्त पीठ में रविवार को हवन-पूजन के बाद साधु-संतों की बैठक हुई। बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर 6 दिसंबर को कारसेवा किए जाने की घोषणा की गई। ऐलान के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है और पुलिस-प्रशासन ने पीठ के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि पहले 9 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कारसेवा का ऐलान किया गया था।
सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए इसे स्थगित करना पड़ा। अब साधु-संतों की बैठक के बाद 6 दिसंबर की तारीख घोषित की गई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतों के पहुंचने और समर्थन देने की बात कही गई।
Mathura Krishna Janmabhoomi
कारसेवा के लिए 6 दिसंबर की तारीख घोषित किए जाने से इस मुद्दे की राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता भी बढ़ गई है। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने की घटना हुई थी। इसी तारीख को ध्यान में रखते हुए मथुरा में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के उद्देश्य से भरतपुर के बंसीपहाड़पुर से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप चित्रगुप्त पीठ पहुंचने की जानकारी दी गई है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए करीब पांच हजार मीट्रिक टन पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पत्थरों की दूसरी खेप फिलहाल रोक दी गई है।
13 अखाड़ों के संतों को बुलाने की तैयारी
कारसेवा की घोषणा से पहले आयोजित कार्यक्रम के लिए 13 अखाड़ों के साधु-संतों को आमंत्रित किए जाने की बात कही गई थी। स्वामी सच्चिदानंद ने इससे पहले भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर कारसेवा का आह्वान किया था। इसके तहत उन्होंने हरिद्वार जाकर साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर समर्थन मांगा था। कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन ने कई संतों को नोटिस जारी किए हैं। स्वामी सच्चिदानंद के मुताबिक साध्वी ऋतंभरा, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, महंत फूलडोल बिहारीदास, श्रीचरणदास, सौरभ गौड़, सीतारामदास, संत अभिषेक ब्रह्मचारी और अन्य संतों समेत 12 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं।
शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
पुलिस की ओर से जारी नोटिस में धार्मिक भावनाओं की आड़ में समाज को उत्तेजित करने वाली गतिविधियों से बचने को कहा गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और आसपास के क्षेत्र में ऐसी किसी गतिविधि से बचने की हिदायत दी गई है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन होने पर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। रविवार को हवन-पूजन और शंखनाद कार्यक्रम के दौरान चित्रगुप्त पीठ के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। कार्यक्रम के बाद साधु-संतों ने आगे की रणनीति को लेकर मंथन किया। प्रशासन की नजर अब 6 दिसंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों और उससे जुड़ी गतिविधियों पर बनी हुई है।
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