PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा और ईंधन बचाने की अपील को देशभर में समर्थन मिल रहा है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे राष्ट्रहित से जुड़ा कदम बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की है।
राजस्थान CM बोले- ऊर्जा बचाना हम सबका कर्तव्य
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ ऊर्जा बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। भजन लाल शर्मा ने कहा कि देश के लोग प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं और सभी को मिलकर ऊर्जा संरक्षण की दिशा में काम करना चाहिए।
PM Modi: भाजपा बोली- विदेशी मुद्रा पर दबाव
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को वैश्विक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी ग्रोथ दुनिया में सबसे बेहतर बनी हुई है और महंगाई भी नियंत्रण में है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ने के कारण पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में इजाफा करना पड़ा है।
PM Modi: महाराष्ट्र में मंत्रियों के काफिले छोटे किए गए
महाराष्ट्र के एनसीपी एमएलसी जीशान सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का पालन करना जनता और नेताओं दोनों की जिम्मेदारी है।उन्होंने बताया कि राज्य में मंत्रियों के काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम की गई है, ताकि ईंधन की बचत की जा सके। उन्होंने कहा कि अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ओम प्रकाश राजभर बोले- युद्ध लंबा खिंच सकता है
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील देशहित में की गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के लंबे खिंचने की आशंका को देखते हुए जनता से सतर्क रहने और ईंधन बचाने की अपील की गई है।राजभर ने बताया कि नेताओं और मंत्रियों को भी काफिलों में वाहनों की संख्या सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कई राज्यों में शुरू हुए ईंधन बचत अभियान
प्रधानमंत्री की अपील के बाद कई राज्यों में सरकारी स्तर पर ईंधन बचत अभियान शुरू किए गए हैं। मंत्री और विधायक अब मेट्रो, बस और साझा वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, सरकारी विभागों में भी अनावश्यक यात्रा कम करने और डिजिटल बैठकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
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