Agra News : डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षाफल जारी होने के बाद छात्रों को ऑनलाइन मार्कशीट उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, इनमें अंक, विषय और व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी त्रुटियां लगातार सामने आ रही हैं। इन गलतियों के कारण छात्र प्रवेश, नौकरी और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में प्रतिदिन छह से अधिक छात्र-छात्राएं मार्कशीट में सुधार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उनकी शिकायतें तो दर्ज कर ली जाती हैं, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि समस्या का समाधान कब तक होगा। इससे छात्रों को बार-बार विश्वविद्यालय आना पड़ता है।
पिछले कुछ दिनों से सेंट जॉन्स कॉलेज के कई छात्र एक विषय में गलत अंक दर्ज होने की शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक सुधार नहीं किया गया है। इससे उनके आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर रोजाना मार्कशीट से जुड़ी 12 से अधिक शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इनमें गलत अंक, विषय की त्रुटि, छात्र या पिता के नाम की स्पेलिंग में गलती जैसी समस्याएं सबसे अधिक सामने आ रही हैं। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन दावा करता है कि शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि मार्कशीट में सुधार कराने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। एक बार शिकायत दर्ज होने के बाद संशोधन में एक से दो महीने तक का समय लग जाता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मार्कशीट सुधार का काम बाहरी एजेंसी के माध्यम से कराया जाता है। विश्वविद्यालय शिकायत एजेंसी को भेजता है और वहीं से संशोधित दस्तावेज तैयार होकर वापस आते हैं।
छात्र नेताओं ने उठाई मांग
छात्र नेता गौरव शर्मा ने कहा कि मार्कशीट की त्रुटियां ठीक कराना छात्रों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस काम के लिए विश्वविद्यालय में अलग हेल्प डेस्क बनाई जाए, ताकि छात्रों की शिकायतों का तय समय में समाधान हो सके और उन्हें बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि मार्कशीट की गलतियों को तेजी से ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में रिकॉर्ड से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण समय लग जाता है, लेकिन ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है।




