Agra-Gwalior Expressway : आगरा से ग्वालियर के बीच बनने वाले 88 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की राह अब आखिरकार साफ हो गई है। भूमि अधिग्रहण को लेकर नाराज चल रहे किसानों का मुआवजा 50 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील के 12 गांवों में रहने वाले 627 किसानों को पहले तय सर्किल रेट से ज्यादा राशि मिल सकेगी। जिले में एक्सप्रेसवे के लिए करीब 14 किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
शुरुआत में किसानों को 144 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने की बात तय हुई थी लेकिन इस राशि से नाखुश किसानों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई को जमीन पर कब्जा लेने से रोक दिया था।
Agra-Gwalior Expressway
मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने 148 वाद दायर किए थे जिनमें से 80 से ज्यादा मामलों को मध्यस्थता के जरिए सुलझा लिया गया है। अब किसानों को कुल 195 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा जो पहले से 50 करोड़ रुपये अधिक है। इस समझौते के बाद एक्सप्रेसवे निर्माण में आ रही सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर ग्वालियर के सुसेरा गांव तक पहुंचने वाला यह एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एनएच-719डी बीओटी टोल मोड पर बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 4613 करोड़ रुपये आंकी गई है।
निर्माण अवधि भी तय
एनएचएआई ने निर्माण के लिए मेसर्स जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड के साथ 20 साल का रियायत समझौता किया है जिसमें 30 महीने की निर्माण अवधि भी तय की गई है। जनवरी में ही निर्माण कार्य शुरू हो जाना था लेकिन जमीन पर कब्जा न मिलने के चलते प्रोजेक्ट करीब सात महीने पीछे चल रहा है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश राजस्थान और मध्य प्रदेश तीनों राज्यों से होकर निकलेगा। इसके तैयार होने से आगरा धौलपुर मुरैना और ग्वालियर के बीच हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी जिससे यात्रा में लगने वाला समय तो घटेगा ही साथ ही एनएच-44 के मौजूदा आगरा-ग्वालियर मार्ग पर ट्रैफिक का बोझ भी कम होगा।
चंबल में घड़ियालों की सुरक्षा
यह परियोजना राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य के बीच से गुजरेगी इसलिए चंबल नदी में घड़ियालों के बचाव के लिए एक खास केबल स्टे ब्रिज तैयार किया जाएगा जिसमें ध्वनि अवरोधक और लाइट कटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे पर आठ बड़े पुल 23 छोटे पुल छह फ्लाईओवर एक रेलवे ओवरब्रिज और 192 पुलिया भी बनाई जाएंगी। एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह ने बताया कि मध्यस्थता वाद में सहमति बन चुकी है और प्रभावित किसानों की पहले तय मुआवजा राशि को बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि करीब 50 करोड़ रुपये किसानों को अब अतिरिक्त तौर पर मिलेंगे और भुगतान के लिए प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा जा रहा है।
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