Surya Rashi Parivartan : ग्रहों की बदलती चाल किसी के लिए नए अवसर लेकर आती है, तो किसी को संभलकर चलने का संकेत देती है। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां बुध पहले से मौजूद हैं। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा। वहीं भद्र राजयोग भी प्रभावी रहेगा। इन शुभ योगों के बावजूद मेष, वृषभ, तुला, कुंभ और मीन राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान कुछ मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत पड़ सकती है। मेष राशि के लिए सूर्य का गोचर छठे भाव में होने जा रहा है। इस दौरान प्रेम संबंधों में छोटी बातों को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है।
पार्टनर के साथ बातचीत करते समय जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना बेहतर होगा। संतान से जुड़े मामलों में भी चिंता बढ़ सकती है। विद्यार्थियों को मनचाहा परिणाम पाने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।
Surya Rashi Parivartan
सूर्य के इस गोचर के दौरान मेष राशि के जातकों के लिए हर स्थिति नकारात्मक नहीं रहेगी। काम से जुड़ी छोटी यात्राएं फायदेमंद साबित हो सकती हैं। हालांकि करियर में किसी बड़े बदलाव या जोखिम भरे फैसले से पहले परिस्थितियों को अच्छी तरह समझना जरूरी होगा। प्रेम और पारिवारिक मामलों में संयम के साथ आगे बढ़ने से कई परेशानियों को टाला जा सकता है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के पंचम भाव में सूर्य प्रवेश करेंगे। इस दौरान सूर्य पर शनि की दृष्टि भी रहने वाली है। ऐसे में नौकरी या कारोबार से जुड़ा कोई बड़ा फैसला जल्दबाजी में लेना परेशानी बढ़ा सकता है। कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। काम का दबाव बढ़ने से मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है। वृषभ राशि के विद्यार्थियों के लिए यह समय मेहनत की परीक्षा लेने वाला रह सकता है। पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ सकता है। घर-परिवार से जुड़े मामलों में भी छोटी बातों को बढ़ाने से बचना होगा। धैर्य के साथ परिस्थितियों को संभालने पर धीरे-धीरे चीजें पक्ष में आती दिखाई दे सकती हैं।
तुला राशि
तुला राशि के द्वादश भाव में सूर्य का गोचर होने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थिति खर्चों में बढ़ोतरी करा सकती है। ऐसे में आय और खर्च के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा। बिना जरूरत की खरीदारी या अचानक होने वाले बड़े खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं। इस अवधि में आर्थिक योजना बनाकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। इस गोचर के दौरान तुला राशि के जातकों को अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है। सफर के दौरान परेशानी या अतिरिक्त खर्च सामने आ सकता है। लगातार काम करने से थकान और तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में आराम के लिए पर्याप्त समय निकालना और सेहत को नजरअंदाज नहीं करना जरूरी होगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के अष्टम भाव में सूर्य का प्रवेश होगा। इसके चलते नौकरी और कारोबार में अचानक बदलती परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को बड़ा निवेश या जोखिम वाला फैसला लेने से पहले अच्छी तरह विचार करना चाहिए। कार्यक्षेत्र में किसी विवाद में पड़ने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। कुंभ राशि के जातकों को निजी जिंदगी में भी सावधानी रखने की जरूरत होगी। जीवनसाथी के साथ छोटी बात पर बहस रिश्ते में तनाव बढ़ा सकती है। इस दौरान बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें। खानपान और दैनिक दिनचर्या में लापरवाही करने से भी बचना बेहतर होगा।
मीन राशि
मीन राशि के सप्तम भाव में सूर्य का गोचर होगा। इस अवधि में पार्टनरशिप वाले कारोबार या काम में मतभेद सामने आ सकते हैं। किसी समझौते या बड़े व्यावसायिक फैसले को अंतिम रूप देने से पहले सभी पहलुओं को ध्यान से देखना जरूरी होगा। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। विवाहित मीन राशि के जातकों के लिए जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी रहेगा। किसी मुद्दे पर अलग राय होने पर विवाद बढ़ाने के बजाय पार्टनर की बात समझने की कोशिश करें। सेहत को लेकर भी लापरवाही न बरतें। नियमित दिनचर्या और संयम इस अवधि को बेहतर तरीके से निकालने में मदद कर सकते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है फलादेश
सूर्य का कन्या राशि में गोचर अलग-अलग राशियों पर उनकी कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग प्रभाव डाल सकता है। यहां दी गई जानकारी सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं और सूर्य गोचर के संभावित प्रभावों पर आधारित है। व्यक्तिगत फलादेश जन्मकुंडली के आधार पर अलग हो सकता है।
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