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Kanwar Yatra 2026: बरेली रेंज में कांवड़ यात्रा को लेकर कड़े इंतजाम, शिविरों के लिए अनुमति अनिवार्य

Kanwar Yatra 2026 : बरेली रेंज में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस कप्तानों के साथ वर्चुअल बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी जिलों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। डीआईजी ने कहा कि कांवड़ शिविरों के संचालन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

शिविर सड़क से पर्याप्त दूरी पर ही लगाए जा सकेंगे, ताकि यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई बाधा न आए। शिविरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होगा। साथ ही, शिविर में सेवा देने वाले सभी सेवादारों के पास पहचान पत्र होना भी अनिवार्य किया गया है। महिला कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Kanwar Yatra 2026

पूरे कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित किया जाएगा। इसके साथ ही पैदल गश्त और बाइक गश्त की दूरी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और वहां पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी ने कहा कि सुरक्षा के हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

किचन से लेकर अस्पताल तक पुख्ता इंतजाम

डीआईजी ने निर्देश दिया कि शिविरों के किचन में टिन शेड और अग्निशमन सिलिंडर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। यात्रा मार्ग पर मौजूद अस्पतालों में कांवड़ियों के लिए बेड आरक्षित रखे जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। चारों जिलों के बीच समन्वय बनाकर संयुक्त रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। आवश्यक आपूर्ति वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग तय होगा, ताकि आमजन को कम परेशानी हो। मार्ग पर सीमेंटेड बैरियर लगाए जाएंगे, जिन पर रिफ्लेक्टर भी होंगे। डीआईजी ने पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान घाटों पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, फ्लड पीएसी, नाव, जीवन रक्षक जैकेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। जलभराव या भीड़भाड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम होंगे। डीआईजी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

कांवड़ और डीजे पर भी तय होगी सीमा

डीआईजी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ की ऊंचाई 12 फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए। डीजे वाहनों की ऊंचाई, चौड़ाई और ध्वनि भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ही रहेगी। इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर स्थित शराब और मांस की दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए लाइन व्यवस्था, बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी ने कहा कि कांवड़ यात्रा श्रद्धा और अनुशासन का पर्व है, इसलिए प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा निर्बाध, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

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