Arvind Kejriwal : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार सुबह रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इससे पहले गुरुवार शाम अयोध्या पहुंचने पर उन्होंने राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह भगवान राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले के विरोध में अयोध्या आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान के धन और आभूषणों में गड़बड़ी की गई है, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केजरीवाल का यह दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अयोध्या पहुंचने पर आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
Arvind Kejriwal
इसके बाद उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की गतिविधियों और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की। राजनीतिक जानकार इस दौरे को उत्तर प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं, हालांकि पार्टी का कहना है कि यह पूरी तरह धार्मिक यात्रा है। रामलला के दर्शन के बाद उनके हनुमानगढ़ी में भी दर्शन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अयोध्या दौरे से तीन दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का मुद्दा उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि मंदिर में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये नकद और कीमती आभूषणों में गड़बड़ी हुई है। उनके अनुसार इस मामले ने देशभर के राम भक्तों और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को दुखी किया है। उन्होंने कहा था कि श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भगवान को दान देते हैं, इसलिए इस तरह के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ट्रस्ट प्रबंधन पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने अपने बयान में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो जिम्मेदार लोगों से जवाब लिया जाना चाहिए। उनका आरोप था कि मामले की पारदर्शी जांच के बजाय संबंधित लोगों को अब तक पद पर बनाए रखा गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि चोरी या वित्तीय गड़बड़ी के आरोप इतने बड़े हैं तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सोचिए।
चंपत राय ने PM को हिसाब देने से मना कर दिया। इतनी हिम्मत कैसे हो गई चंपत राय की। ऐसे क्या राज जानते हैं चंपत राय कि PM भी उनके सामने मजबूर हैं?
और दूसरी ओर SIT छोटे छोटे कर्मचारियों को बुला कर सबकी आँखों में धूल झोंक रही है। https://t.co/ZlikW8aXYY
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 25, 2026
जांच और जवाबदेही की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर देशभर के लोगों के मन में कई सवाल हैं और वे जवाब चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वह इस मुद्दे पर और भी सवाल जनता के सामने रखेंगे। फिलहाल उनका कहना है कि मंदिर से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
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