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UP Cabinet Decisions: 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 AC इलेक्ट्रिक बसें, वकीलों की बढ़ी फीस

City Shahar Town

UP Cabinet Decisions 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 24 को मंजूरी दे दी गई। इन फैसलों का असर परिवहन व्यवस्था, किसानों, सरकारी वकीलों, जेल प्रशासन और शहरी विकास जैसे कई क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।

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कैबिनेट की सबसे चर्चित घोषणाओं में प्रदेश के बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार शामिल है। सरकार ने 17 नगर निगमों और नोएडा समेत कुल 18 शहरों में 1725 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी है।

UP Cabinet Decisions

इन बसों को ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर चलाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शहरों में सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। सरकार ने नोएडा क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस सेवा का दायरा बढ़ाने का भी फैसला किया है। आगामी नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को शहर के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने के लिए विशेष रूट तैयार किए जाएंगे। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में सुविधा होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकेगी। कैबिनेट ने न्यायालयों में सरकार का पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

जिला न्यायालयों में कार्यरत सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप और प्रति सुनवाई मिलने वाली फीस बढ़ा दी गई है। इसी तरह अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ताओं, उच्च न्यायालय के विधि अधिकारियों और महाधिवक्ता तक को नई दरों का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे न्यायिक कार्यों में दक्षता और गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।

MSP बढ़ाने का फैसला

किसानों को राहत देते हुए सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने को मंजूरी दी है। प्रदेश में सरकारी खरीद अभियान 5 जून से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगा। विभिन्न जिलों में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें बाजार की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

कैबिनेट ने जेल प्रशासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत यदि जेल में किसी कैदी की मौत आपसी विवाद, चिकित्सा सुविधा में कमी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण होती है तो उसके परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं आत्महत्या के मामलों में आश्रितों को 3 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। प्रदेश में पहली बार इस तरह की स्पष्ट मुआवजा नीति लागू की जा रही है।

5 नए जिलों में बनेंगी आधुनिक जेलें

जेलों में बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए सरकार ने पांच नए जिलों में जेल निर्माण की मंजूरी भी दी है। इससे बंदियों की संख्या का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और मौजूदा जेलों पर दबाव कम होगा। नई जेलों में आधुनिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कैबिनेट ने उन परियोजनाओं को भी नियमित करने का फैसला लिया है जिन्हें 31 मार्च 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा मंजूरी दी गई थी और बाद में वे विकास प्राधिकरण के दायरे में आ गईं। अब इन परियोजनाओं का विनियमितीकरण विकास प्राधिकरण करेगा, जिससे वर्षों से लंबित कई मामलों का समाधान हो सकेगा।

बनेगा नया रजिस्ट्री कार्यालय

बैठक में लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में नए उपनिबंधक कार्यालय के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र के लोगों को संपत्ति पंजीकरण और अन्य सेवाओं के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कैबिनेट के ताजा फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार एक साथ परिवहन, कृषि, न्यायिक व्यवस्था, जेल सुधार और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों पर काम कर रही है। आने वाले महीनों में इन फैसलों का असर प्रदेश के लाखों लोगों की दैनिक जिंदगी में दिखाई देने की उम्मीद है।

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