CM Yogi Bijnor Visit : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात देने के साथ बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करेंगे। सरकार का दावा है कि यह पहल उन परिवारों को स्थायी पहचान और कानूनी अधिकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो वर्षों से अपने अधिकारों का इंतजार कर रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 50 पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भी भूमि संबंधी अधिकार दिए जाएंगे। लंबे समय से जमीन के स्वामित्व और कानूनी मान्यता की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों के लिए यह कार्यक्रम काफी अहम माना जा रहा है।
CM Yogi Bijnor Visit
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बिजनौर के धामपुर तहसील क्षेत्र के आलमपुर गांवड़ी और अफजलगढ़ इलाके में प्रस्तावित है। यहां प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। भूमिधरी अधिकार पत्र वितरण के साथ मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ पहुंचाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लोगों को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चयनित युवाओं को आर्थिक सहायता और चेक वितरित किए जाएंगे, जिससे वे अपना रोजगार शुरू कर सकें।
महिला समूहों को मिलेगा नया मंच
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और कॉमन सर्विस सेंटर से जुड़ी पहल को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री महिलाओं द्वारा संचालित ‘विदुर प्रेरणा कैफे’ का उद्घाटन करेंगे। यह कैफे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश सरकार इससे पहले भी विभिन्न जिलों में विस्थापित और वंचित परिवारों को भूमि संबंधी अधिकार प्रदान कर चुकी है। अप्रैल महीने में लखीमपुर खीरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपे गए थे। इसके अलावा भूमि कटान से प्रभावित हजारों परिवारों और थारू जनजाति के लोगों को भी भूमि के अधिकार दिए गए थे।
पुनर्वास योजनाओं पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से पुनर्वास और भूमि अधिकार से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में बहराइच सहित कई जिलों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, आवास और भूमि के पट्टे प्रदान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि ऐसे कदमों से समाज के कमजोर और विस्थापित वर्गों को स्थायी सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अवसर मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि अधिकार किसी भी परिवार के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार होते हैं। भूमिधरी अधिकार मिलने के बाद परिवार सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकते हैं और उनकी सामाजिक स्थिति भी मजबूत होती है। बिजनौर का यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को केवल भूमि अधिकार वितरण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे विकास योजनाओं और सामाजिक सशक्तिकरण के संयुक्त अभियान के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां विस्थापित परिवारों को कानूनी अधिकार मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर आवास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को भी नई गति मिलेगी।
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