Ajab-Gajab : भारत दुनिया में आम उत्पादन के मामले में सबसे आगे है। वैश्विक स्तर पर करीब 40-45% हिस्सेदारी भारत की है और हर साल देश में करोड़ों टन आम पैदा होता है। लेकिन इस क्षेत्र में एक निजी पहल भी उतनी ही चर्चा में है, जिसने खेती को नए नजरिए से पेश किया है। Mukesh Ambani, जिन्हें आमतौर पर उद्योग जगत के बड़े नाम के तौर पर जाना जाता है, उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी खास पहचान बनाई है।

Reliance Industries के जरिए उन्होंने देश का सबसे बड़ा आम का बाग तैयार किया है, जो अब एक सफल मॉडल के रूप में देखा जाता है। गुजरात के Jamnagar में स्थित ‘धीरूभाई अंबानी लखीबाग अमराई’ करीब 600 एकड़ में फैली हुई है।
Mukesh Ambani
बता दें कि इस बाग में 1.5 लाख से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें अल्फांसो, केसर समेत 200 से ज्यादा किस्मों की खेती की जाती है। इसे भारत ही नहीं, दुनिया के बड़े आम बागों में गिना जाता है। इस परियोजना की शुरुआत 1997 में हुई थी। उस समय जामनगर रिफाइनरी के आसपास प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ रही थी। ऐसे में रिलायंस ने बंजर जमीन को हरियाली में बदलने का फैसला किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और एक मजबूत ग्रीन बेल्ट तैयार करना था।
इतिहास से जुड़ा नाम
इस बाग का नाम मुगल काल के ‘लखीबाग’ से प्रेरित है, जिसे Akbar के समय विकसित किया गया था। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक सोच को जोड़ते हुए इस बाग को तैयार किया गया है। यहां पानी की जरूरत पूरी करने के लिए डीसैलिनेशन प्लांट का भी इस्तेमाल किया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बाग से हर साल सैकड़ों टन आमों का निर्यात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आमों की मांग को देखते हुए यह बाग व्यापारिक रूप से भी मजबूत साबित हुआ है। इससे कंपनी को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होता है।
यह बाग सिर्फ खेती का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी संभव है। हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में यह पहल एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है।
Read More : UP में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 6.10 लाख मीट्रिक टन पार





