Agra News : गंभीर कुपोषित यानी सैम श्रेणी के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बच्चों के पोषण और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिले में निर्माण पूरा हो चुके 80 आंगनबाड़ी भवनों को तत्काल संबंधित विभाग को हस्तांतरित कराया जाए, ताकि इनका संचालन जल्द शुरू किया जा सके। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया।
Agra: सही रिकॉर्ड रखें
डीएम ने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के वजन और लंबाई की सही जानकारी पोषण ट्रैकर पर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्ज किए गए आंकड़ों का नियमित सत्यापन भी कराया जाए, जिससे बच्चों की पोषण स्थिति की सही जानकारी मिल सके और जरूरत के अनुसार उपचार व पोषण की व्यवस्था की जा सके। जिले में 386 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों के लिए 6,929 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं 322 सहायिकाओं के पदों के लिए 1,718 आवेदन आए हैं। डीएम ने चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। चयनित कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का प्रशिक्षण भी समय से पूरा कराने को कहा गया। साथ ही हर बच्चे का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
बच्चे का डाटा होगा दर्ज
21 अगस्त से 4 सितंबर तक प्रस्तावित बेसलाइन सर्वे के दौरान बच्चों का शत-प्रतिशत डाटा फीड कराने को कहा गया है। डीएम ने सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थापित 212 एलईडी टीवी और 212 आरओ मशीनों का भौतिक सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के अनुपात में पात्र महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




