Pakistan : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Abbas Araghchi पाकिस्तान के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की है। राजधानी Islamabad में उनकी मौजूदगी को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दौरे के दौरान अराघची ने उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ishaq Dar और सेना प्रमुख Asim Munir से मुलाकात की। इन बैठकों में क्षेत्रीय हालात, सुरक्षा और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पाकिस्तान सरकार ने भी इस दौरे को महत्वपूर्ण बताया है।
इस दौरे से पहले यह चर्चा थी कि पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच सीधे तौर पर बातचीत हो सकती है। माना जा रहा था कि इस्लामाबाद दोनों देशों के बीच संवाद का मंच बन सकता है लेकिन इन अटकलों पर अब विराम लग गया है।
Pakistan में बढ़ी कूटनीतिक हलचल
ईरान ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान में उसकी अमेरिका के साथ कोई सीधी बैठक नहीं होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि अराघची सिर्फ पाकिस्तानी अधिकारियों से ही मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी पक्ष के साथ किसी तरह की प्रत्यक्ष बातचीत तय नहीं है। इसी बीच Donald Trump ने भी पाकिस्तान को कूटनीतिक केंद्र बनाते हुए अपने विशेष दूत भेजने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, Steve Witkoff और Jared Kushner पाकिस्तान पहुंचकर हालात पर चर्चा करेंगे। जरूरत पड़ने पर उपराष्ट्रपति JD Vance भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थ की भूमिका
पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक संभावित मध्यस्थ के रूप में उभरता दिख रहा है। इशाक डार और आसिम मुनीर ने अराघची के साथ बैठक में युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने माना कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही तनाव को कम किया जा सकता है। बैठकों में यह भी तय हुआ कि मौजूदा हालात में संवाद जारी रखना जरूरी है। पाकिस्तान और ईरान दोनों ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है।
पाकिस्तान में चल रही यह कूटनीतिक हलचल आने वाले दिनों में बड़े फैसलों की ओर इशारा कर रही है। भले ही ईरान ने फिलहाल अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन बैकडोर डिप्लोमेसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पूरे क्षेत्र की नजर अब इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।
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