Bada Mangal 2026 : राजधानी लखनऊ में मंगलवार को बड़े मंगल का पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह होते ही शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। अलीगंज प्राचीन हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु, चौक स्थित लेटे हनुमान मंदिर, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, हनुमंत धाम और गुलाचीन मंदिर सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु दर्शन के साथ सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। अलीगंज स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में सुबह से भक्तों की भारी भीड़ रही।
दर्शन करने के बाद कई श्रद्धालुओं ने गायों को प्रसाद खिलाकर पुण्य अर्जित किया। महिलाओं ने मंदिर परिसर में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
Bada Mangal 2026
बड़े मंगल की महिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हैदराबाद से एक श्रद्धालु विशेष रूप से इस अवसर पर लखनऊ पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं और हर वर्ष सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर बड़े मंगल पर अलीगंज मंदिर में दर्शन करने आते हैं। उनके मुताबिक इस मंदिर से जुड़ी आस्था और परंपरा उन्हें हर साल यहां खींच लाती है। बड़े मंगल के अवसर पर लखनऊ की लगभग हर गली और प्रमुख चौराहों पर भंडारों की तैयारी की गई है। जगह-जगह टेंट और शामियाने लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी, शर्बत, खिचड़ी, बूंदी, चोला-चावल, आइसक्रीम और फल वितरित किए जा रहे हैं। बंथरा के प्राचीन बूढ़े बाबा मंदिर में सुबह से ही भंडारा शुरू हो गया, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
भजनों से गूंजे मंदिर
चौक स्थित लेटे हनुमान मंदिर में सुबह से भजनों का सिलसिला जारी रहा। मुख्य पुजारी डॉ. विवेक तांगड़ी ने हनुमान भक्ति से जुड़े कई लोकप्रिय भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में आरती, भजन और जयकारों के बीच भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। अलीगंज और अन्य प्रमुख मंदिरों के बाहर फूल-माला, प्रसाद, पूजन सामग्री और सजावटी वस्तुओं की दर्जनों दुकानें सजी हुई हैं। दुकानदारों के अनुसार बड़े मंगल पर कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
बड़े मंगल पर लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पेयजल, साफ-सफाई, पार्किंग और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने आयोजकों से प्लास्टिक और थर्माकोल के इस्तेमाल से बचने तथा पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करने की अपील की है। बड़ा मंगल केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है। मंदिरों में उमड़ती भीड़, शहरभर में लग रहे भंडारे और बजरंगबली के जयकारों के बीच लखनऊ एक बार फिर अपनी अनूठी धार्मिक संस्कृति और परंपरा का जीवंत उदाहरण पेश कर रहा है।
Read More : UP Tourism: अमेरिकी व्लॉगर टोनी क्लोर गोरखपुर की खूबसूरती पर हुए फिदा, वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल





