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Jaipur: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी आग, बच्चे समेत 4 की मौत; कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे

Jaipur Fire News : राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। खोह नागोरियान क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद फैक्ट्री परिसर से तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

Jaipur: पटाखा फैक्ट्री

इस हादसे में जान गंवाने वालों में रहीम, 15 वर्षीय रुबीन और अब्दुल वाहिद की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा रही है और पहचान की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी भयावह थी कि कई लोग बाहर निकलने का प्रयास भी नहीं कर सके। मौके पर पहुंची राहत टीमों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में झुलसे चार मजदूरों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार समीर और नासिर लगभग 95 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। वहीं बिलाल करीब 75 प्रतिशत और आदिब 65 प्रतिशत तक आग की चपेट में आए हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।

ज्वलनशील सामग्री बनी हादसे की वजह

जिला प्रशासन के अनुसार आग जिस स्थान पर लगी, वहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी कारण से विस्फोट या चिंगारी पैदा होने के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री आईटीआई कॉलेज के पास आयशा नगर तलाई क्षेत्र में स्थित बताई जा रही है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

संचालन पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्षेत्र के विधायक ने कहा कि घनी आबादी वाले इलाके में बारूद और पटाखों से जुड़ी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि ऐसे संवेदनशील और खतरनाक पदार्थों का भंडारण रिहायशी क्षेत्र में किया जा रहा था, तो इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को क्यों नहीं थी।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर जांच में जुटी हैं। फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा इंतजामों और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और रिहायशी क्षेत्रों में खतरनाक गतिविधियों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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