Khan Sir Case : पटना में चर्चित फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक और शिक्षक खान सर को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जहां अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही मामले की जांच से जुड़ी केस डायरी पुलिस से तलब की है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई या नए आदेश तक संबंधित पक्ष के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल खान सर को तत्काल गिरफ्तारी की आशंका से राहत मिल गई है।
सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि घटना के दौरान की गई फायरिंग किसी को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं थी। उनका कहना था कि गोली आत्मरक्षा की स्थिति में चलाई गई और इसका मकसद किसी प्रकार का भय या आतंक पैदा करना नहीं था।
Khan Sir Case
बचाव पक्ष ने अदालत के सामने यह भी तर्क रखा कि पूरे घटनाक्रम को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए 20 जून की तारीख तय की है। इस मामले में खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और हथियारों के कथित अवैध इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में दावा किया गया है कि फायरिंग की घटना में उनके सुरक्षा कर्मियों की भूमिका रही और जांच में खान सर का नाम भी शामिल किया गया है। इसी के चलते उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर अब अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान की है।
जमानत पर भी टिकी निगाहें
घटना के बाद गिरफ्तार किए गए दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई है। अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े सबूत और दस्तावेज पेश करने को कहा है। दोनों गार्डों की जमानत पर फैसला जल्द आ सकता है। गौरतलब है कि दोनों सुरक्षा कर्मियों को घटना के कुछ दिन बाद गिरफ्तार किया गया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
कोचिंग विवाद चर्चा का विषय
दूसरी ओर, मामले ने अब व्यापक बहस का रूप ले लिया है। एक तरफ खान सर के समर्थक इसे आत्मरक्षा का मामला बता रहे हैं, वहीं विरोधी पक्ष कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। हाल के दिनों में पटना में छात्रों द्वारा प्रदर्शन और कैंडल मार्च भी निकाला गया, जिसमें विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की गई। घटना के बाद सामने आए बयानों में खान सर ने कहा था कि उनके संस्थान के बाहर मारपीट की स्थिति पैदा हो गई थी और सुरक्षा कर्मियों ने खुद को बचाने के लिए कार्रवाई की। उनका कहना है कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची, जिसके कारण हालात बिगड़े। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा गार्डों की जिम्मेदारी संकट की स्थिति में लोगों की सुरक्षा करना होती है और पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
20 जून की सुनवाई पर सबकी नजर
अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 20 जून होगा, जब अदालत अग्रिम जमानत याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगी। पुलिस की केस डायरी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी दिशा तय होगी। फिलहाल, अदालत के अंतरिम आदेश के बाद खान सर को राहत मिली है, लेकिन मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
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