UP News : देश की प्रमुख शुगर कंपनियों में शामिल Balrampur Chini Mills अब अपने कारोबार को नई दिशा देने की तैयारी में है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसी रणनीति के तहत अब बायो-प्लास्टिक और कंस्ट्रक्शन मैटेरियल जैसे नए सेक्टर में कदम रखा जा रहा है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में लैक्टो जिप्सम प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का फैसला किया है।
इस प्रोजेक्ट पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह प्लांट कुम्भी इलाके में स्थापित होगा, जहां हर साल करीब 76 लाख जिप्सम बोर्ड बनाने की क्षमता होगी। इन बोर्ड की मांग कंस्ट्रक्शन सेक्टर में लगातार बढ़ रही है।
UP में लगेगा प्लांट
कंपनी ने इस विस्तार के लिए फंड जुटाने का भी बड़ा प्लान बनाया है। बोर्ड मीटिंग के बाद जानकारी दी गई कि प्रमोटर्स और निवेशकों को प्रेफरेंशियल शेयर जारी कर करीब 450 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसी राशि का एक बड़ा हिस्सा नए प्लांट और अन्य परियोजनाओं में लगाया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी अपने पॉली लैक्टिक एसिड (PLA) प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल बायो-प्लास्टिक का उत्पादन करना है। कंपनी का लक्ष्य है कि इस प्लांट में हर साल करीब 80,000 टन बायो-प्लास्टिक तैयार किया जाए।
प्रोजेक्ट लागत में हुआ इजाफा
हालांकि, इस बड़े प्रोजेक्ट की लागत में बढ़ोतरी भी हुई है। पहले जहां इस पर 2,850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था, अब यह बढ़कर 3,080 करोड़ रुपये हो गया है। ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत और कच्चे माल की महंगाई को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। कंपनी का यह कदम साफ दिखाता है कि वह अपनी आय के स्रोत बढ़ाना चाहती है। चीनी उद्योग में उतार-चढ़ाव को देखते हुए अब कंपनी ऐसे सेक्टर में निवेश कर रही है, जहां भविष्य में ज्यादा ग्रोथ की संभावना है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
बाजार में बढ़ेगी पकड़
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निवेश से कंपनी की बाजार में पकड़ और मजबूत होगी। खासकर बायो-प्लास्टिक और कंस्ट्रक्शन मैटेरियल जैसे सेक्टर में कदम रखने से कंपनी को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है। आने वाले समय में इसका असर कंपनी के वैल्यूएशन पर भी देखने को मिल सकता है। बलरामपुर चीनी मिल्स अब अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है। बड़े निवेश और नई योजनाओं के जरिए कंपनी यह संकेत दे रही है कि वह बदलते समय के साथ खुद को ढालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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