US News : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत कर दी है। अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS George H.W. Bush अब इस क्षेत्र में पहुंच चुका है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह पोत 23 अप्रैल को हिंद महासागर में उनके ऑपरेशन एरिया में मौजूद था। सामने आई तस्वीरों में जहाज के डेक पर बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान तैनात दिखाई दे रहे हैं, जो किसी भी वक्त कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस तैनाती की पुष्टि की। कमांड ने बताया कि यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
US ताकत का खाड़ी में इजाफा
यह भी संकेत दिया गया कि मौजूदा हालात को देखते हुए अमेरिका किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस तैनाती के साथ अब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के तीन बड़े विमानवाहक पोत सक्रिय हो गए हैं। इनमें USS Abraham Lincoln पहले से अरब सागर में मौजूद है, जबकि USS Gerald R. Ford रेड सी क्षेत्र में तैनात है। अब USS George H.W. Bush के पहुंचने से अमेरिका की सैन्य ताकत और बढ़ गई है। एक साथ तीन कैरियर की मौजूदगी को बड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
खतरनाक रास्तों से बचकर पहुंचा पोत
यूएसएस बुश ने अफ्रीका के दक्षिणी छोर Cape of Good Hope के रास्ते लंबा सफर तय किया। यह रास्ता इसलिए चुना गया ताकि रेड सी और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील इलाकों से बचा जा सके, जहां हूती विद्रोहियों का खतरा बना हुआ है। यह कदम अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब Iran के साथ अमेरिका का तनाव चरम पर है। खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तीन विमानवाहक पोतों की मौजूदगी से अमेरिका की हवाई हमले, निगरानी और समुद्री नियंत्रण की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
Nimitz-class aircraft carrier USS George H.W. Bush (CVN 77) sails in the Indian Ocean in the U.S. Central Command area of responsibility, April 23. pic.twitter.com/oDcTM6YMLF
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 23, 2026
तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव
इस बीच Tehran में भी हलचल देखने को मिली। गुरुवार को वहां हवाई सुरक्षा प्रणाली के सक्रिय होने की खबरें सामने आईं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, शहर के अलग-अलग हिस्सों में एयर डिफेंस सिस्टम ने संदिग्ध हवाई खतरों को निशाना बनाया। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि ये खतरे किस तरह के थे और इससे कोई नुकसान हुआ या नहीं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह तैनाती क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए की गई है। लेकिन दूसरी ओर, ईरान और उसके सहयोगी समूहों के साथ जारी तनाव को देखते हुए बड़े संघर्ष की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में पश्चिम एशिया की स्थिति आने वाले दिनों में और संवेदनशील हो सकती है।
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