Russia : रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित एक अहम सम्मेलन के दौरान रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi इस साल रूस का दौरा कर सकते हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है और बड़े देशों के बीच समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इस संभावित यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। “India and Russia: Towards a New Bilateral Agenda” नाम के इस सम्मेलन में भारत की ओर से Subrahmanyam Jaishankar ने भी वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।
दोनों नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में यह साफ किया कि भारत और रूस के बीच संबंध सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और दीर्घकालिक हैं। खासकर मौजूदा वैश्विक हालात में यह साझेदारी और ज्यादा अहम हो गई है।
Russia दौरे पर जाएंगे PM Modi
दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर भी बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना पर जोर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि अब दोनों देशों के बीच लगभग 96 प्रतिशत व्यापार रुपये और रूबल में हो रहा है, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम हुई है। यह कदम वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच दोनों देशों की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। भारत और रूस के बीच सहयोग सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, हेल्थ सेक्टर, फूड सिक्योरिटी और स्किल्ड वर्कफोर्स जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी लगातार बढ़ रही है।
‘21वीं सदी की ताकत’
खासतौर पर कुडनकुलम जैसे प्रोजेक्ट दोनों देशों के मजबूत तकनीकी सहयोग का उदाहरण हैं। इसके अलावा ब्रिक्स और एससीओ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देश एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं। अपने संबोधन में लावरोव ने भारत को 21वीं सदी की एक बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि दोनों देशों की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि रूस की विदेश नीति में भारत की साझेदारी एक प्राथमिकता बनी रहेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक संतुलन को प्रभावित किया है।
बदलते दौर में मजबूत होती साझेदारी
पीएम मोदी का प्रस्तावित रूस दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच रणनीतिक संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह दौरा भारत-रूस रिश्तों को और नई ऊंचाई देने का काम कर सकता है।
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