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Abhishek Banerjee House Notice: अवैध निर्माण मामले में TMC महासचिव के घर पहुंची कोलकाता पुलिस, बढ़ी सियासी हलचल

Abhishek Banerjee House Notice : पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कोलकाता पुलिस की विशेष टीम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ पहुंची। यह कार्रवाई कोलकाता नगर निगम (KMC) की ओर से अवैध निर्माण को लेकर जारी नोटिस के बाद की गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण से जुड़ी स्थिति का जायजा लिया।

सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम ने कथित अवैध हिस्से को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि निर्माण के किस हिस्से को नियमों के खिलाफ पाया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

Abhishek Banerjee House Notice

कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की कुल 17 संपत्तियों की जांच की जा रही है। निगम का दावा है कि इन संपत्तियों के निर्माण में भवन नियमों और नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन किया गया है। KMC एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत सभी संपत्तियों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। शुरुआती जांच में 42 संपत्तियों की सूची तैयार की गई थी, लेकिन बाद में उसे घटाकर 17 कर दिया गया। नगर निगम के असेसमेंट विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अभिषेक बनर्जी ने मांगा 14 दिन का समय

नगर निगम के नोटिस के बाद अभिषेक बनर्जी ने रविवार को निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर जवाब दाखिल करने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 14 दिन का समय मांगा था। बताया जा रहा है कि उन्होंने मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन की तरफ से अभी तक इस अनुरोध पर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, कोलकाता के मेयर और TMC नेता फिरहाद हकीम ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस नोटिस की जानकारी नहीं है।

सुरक्षा में कटौती के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

इस पूरे घटनाक्रम को हाल ही में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में हुई कटौती से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव नतीजों के दो दिन बाद 4 मई को उनके आवास के बाहर तैनात पुलिस बल कम कर दिया गया था। साथ ही बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच से जुड़े उपकरण भी हटा दिए गए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशासनिक कार्रवाइयों और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार और TMC पर सवाल उठा रहा है, जबकि पार्टी इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है।

TMC दफ्तरों पर भी चला बुलडोजर

इससे पहले नगर निगम ने 14 मई को एक कथित अवैध TMC कार्यालय और क्लॉक टावर पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। आरोप था कि यह निर्माण खेल मैदान की जमीन पर कब्जा करके किया गया था। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई। इसी क्रम में 5 मई को न्यू मार्केट इलाके में भी TMC का एक दफ्तर हटाया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अभिषेक बनर्जी के आवास मामले में नगर निगम आगे क्या कदम उठाता है।

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