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Kashi के इस कुंड का होगा कायाकल्प, श्रद्धालुओं के लिए बनेगा सुंदर पाथवे; मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

Kashi
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Kashi News : उत्तर प्रदेश का प्राचीन शहर Varanasi दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में गिना जाता है। हजारों वर्षों से यह नगर आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र रहा है। गंगा के तट पर बसे इस शहर को काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है। यहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। विशेष रूप से Kashi Vishwanath Temple और Dashashwamedh Ghat जैसे धार्मिक स्थल लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। काशी के घाट, कुंड और मंदिर सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखते बल्कि यहां की सांस्कृतिक पहचान भी हैं।

इसी कड़ी में शहर के पौराणिक जलाशयों और कुंडों को संरक्षित और विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है Pishach Mochan Kund, जिसका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है।

Kashi के इस कुंड का होगा कायाकल्प

मान्यता है कि यहां स्नान और पूजा करने से पितृ दोष और पापों से मुक्ति मिलती है। इसी वजह से सालभर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। अब नगर निगम इस ऐतिहासिक कुंड और इसके आसपास के क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया रूप देने की तैयारी में है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। नगर निगम ने पिशाचमोचन कुंड की सफाई और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए विशेष योजना तैयार की है। योजना के तहत सबसे पहले कुंड की गहराई और पानी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सफाई अभियान चलाया जाएगा।

इसके साथ ही कुंड के चारों ओर बने पाथवे को भी नया रूप दिया जाएगा। पाथवे को चौड़ा और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ इसे आकर्षक तरीके से डिजाइन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को चलने और पूजा-पाठ करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

आकर्षक पाथवे

परियोजना के तहत पाथवे के दोनों किनारों को सुंदर बनाने के लिए वाल पेंटिंग कराई जाएंगी। इन पेंटिंग्स में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक झलक दिखाई देगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आराम के लिए जगह-जगह मजबूत बेंच भी लगाई जाएंगी। कई स्थानों पर धूप और बारिश से बचाव के लिए कैनोपी यानी शेड भी बनाए जाएंगे। इससे बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी। पिशाचमोचन कुंड को रात के समय भी आकर्षक बनाने की योजना है। इसके लिए पूरे परिसर और पाथवे पर फैंसी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।

रात में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी आसानी से यहां दर्शन और पूजा कर सकेंगे। नगर निगम का मानना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से यह क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से भी अधिक आकर्षक बनेगा।

छठ पूजा के लिए विकसित होगा विशेष स्थल

कुंड के पास स्थित पार्क का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसी क्षेत्र में मंदिर की ओर छठ पूजा के लिए एक व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान विकसित किया जाएगा। छठ जैसे बड़े पर्व के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन पहले से ही व्यवस्थाएं मजबूत करने की योजना बना रहा है ताकि भीड़ के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

दशाश्वमेध मार्ग पर भी बढ़ेगी रौनक

शहर के प्रमुख धार्मिक मार्गों के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विशेष रूप से Dashashwamedh Ghat की ओर जाने वाले रास्ते को और आकर्षक बनाने की योजना है। दशाश्वमेध-गोदौलिया चौराहे पर लगे वाटर फव्वारों को फिर से चालू किया जाएगा। इसके अलावा मौजूदा सोलर लाइटों की जगह ज्यादा रोशनी देने वाली फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे यह मार्ग रात के समय और अधिक जगमगाएगा।

अधिकारियों ने दिए निर्देश

नगर निगम आयुक्त Himanshu Nagpal ने अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया और विकास कार्यों को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि पिशाचमोचन कुंड और आसपास के क्षेत्र के विकास से काशी की धार्मिक पहचान और मजबूत होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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