Home » उत्तर प्रदेश » Ayodhya Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच तेज, ट्रस्ट कर्मचारियों पर गंभीर आरोप

Ayodhya Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच तेज, ट्रस्ट कर्मचारियों पर गंभीर आरोप

Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी के आरोपों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। 7 जून के बाद सामने आए इन आरोपों के आधार पर राज्य सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को जांच के लिए तैनात किया है। टीम 15 जून को लगभग छह घंटे तक मंदिर परिसर में रही और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित कई अधिकारियों से पूछताछ की।

जांच के शुरुआती चरण में कुछ कर्मचारियों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद, एक कार और तीन आईफोन बरामद होने की बात सामने आई है। इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्ध बरामदगियों और संपत्तियों ने भी जांच को और गंभीर बना दिया है। इससे ट्रस्ट से जुड़े कई कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Ayodhya Ram Mandir

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, जो ट्रस्ट से जुड़े एक सहयोगी माने जाते हैं, उनके घर से कथित तौर पर सोना मिलने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी मात्रा स्पष्ट नहीं है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी कीमत करोड़ों में हो सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि टिन्नू की अयोध्या और लखनऊ में बड़ी संपत्तियां हैं, जिनकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। टिन्नू को वर्तमान में राम मंदिर परिसर स्थित PCF यात्री सुविधा केंद्र में रखकर पूछताछ की जा रही है। उनके सहयोगी और भतीजे मनीष यादव की नियुक्ति और कथित नकद बरामदगी भी जांच के दायरे में है। इसके अलावा मंदिर परिसर में दान सामग्री के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

दान और सोने-चांदी के रिकॉर्ड

सूत्रों के अनुसार, मंदिर में आने वाले सोने-चांदी के दान का पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा जाता था। कई मामलों में केवल नकदी की गिनती होती रही, जबकि आभूषण और धातुओं का सही हिसाब-किताब स्पष्ट नहीं था। इसी प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, जिस पर जांच एजेंसियां ध्यान दे रही हैं। करीब 2 साल पहले रामलला और उनके भाइयों के सोने के मुकुट गायब होने की घटना भी अब फिर चर्चा में है। बाद में ये मुकुट ट्रस्ट के एक पदाधिकारी की अलमारी से मिले थे। यह मामला भी मौजूदा जांच के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे दान प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

जांच की नजर

जांच के दायरे में कई ट्रस्ट कर्मचारी, लेखा प्रभारी और दान प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल हैं। इनमें नोट गिनने वाले कर्मचारी, संपत्ति में अचानक वृद्धि वाले लोग और दान सामग्री संभालने वाले अधिकारी शामिल हैं। SIT लगातार सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का पता लगाया जा सके। मामले की जांच के लिए SIT लगातार सक्रिय है और आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ की संभावना है। वहीं मंदिर निर्माण समिति और ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि जांच में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

Read More : UP में प्री-मानसून का असर जारी, 8 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 70 KM/H की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?