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Dubai Revenue Sources: जब पर्सनल इनकम टैक्स ही नहीं तो अमीर कैसे है दुबई? जानिए किन स्रोतों से भरता है खजाना

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Dubai Revenue Sources : दुनिया के ज्यादातर देशों में सरकार की आय का सबसे बड़ा जरिया टैक्स होता है। लेकिन खाड़ी क्षेत्र का चमकता शहर Dubai इस मामले में अलग पहचान रखता है। यहां आम नागरिकों पर पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लगाया जाता। इसके बावजूद शहर की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत मानी जाती है और सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद रहते हैं। यही वजह है कि अक्सर सवाल उठता है कि आखिर बिना इनकम टैक्स के दुबई का खजाना भरता कैसे है।

दुबई प्रशासन का एक बड़ा राजस्व स्रोत विभिन्न सेवाओं पर लगने वाली फीस है। शहर में रहने और काम करने वाले लोगों को वीजा, रेजिडेंसी परमिट और वर्क परमिट जैसी सुविधाओं के लिए शुल्क देना पड़ता है।

Dubai Revenue Sources

कारोबार शुरू करने या उसे जारी रखने के लिए व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस लेना और समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराना होता है। इन प्रक्रियाओं से सरकार को अच्छी-खासी आय प्राप्त होती है। नगर सेवाओं से जुड़ी कई तरह की फीस भी दुबई की आय का हिस्सा बनती हैं। कचरा प्रबंधन, बिजली-पानी जैसी यूटिलिटी सेवाएं और प्रॉपर्टी से जुड़े प्रशासनिक शुल्क के जरिए सरकार नियमित कमाई करती है। ये शुल्क नागरिकों और कंपनियों दोनों से लिए जाते हैं, जिससे शहर के प्रशासनिक खर्च पूरे होते हैं।

आय का एक साधन

दुबई में कानून और नियमों को लेकर काफी सख्ती बरती जाती है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन या सार्वजनिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। इसके लिए एक स्वचालित फाइन सिस्टम भी लागू है, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाता है। यह व्यवस्था न केवल अनुशासन बनाए रखने में मदद करती है बल्कि सरकार के लिए अतिरिक्त राजस्व भी उत्पन्न करती है।

अन्य कर भी लागू

दुबई में व्यक्तिगत आय पर टैक्स नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में कर व्यवस्था लागू है। एक निश्चित सीमा से ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनियों पर कॉर्पोरेट टैक्स लगाया जाता है। इसके अलावा अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर वैट यानी Value Added Tax भी लागू है। विदेशी बैंकों और तेल कंपनियों पर अलग-अलग दरों से कर लिया जाता है, जो सरकारी आय का अहम हिस्सा है। दुबई सरकार की कई बड़ी कंपनियां भी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार करती हैं। इनमें मशहूर एयरलाइन Emirates समेत कई रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों से होने वाला मुनाफा सीधे सरकार के राजस्व में जुड़ता है।

टूरिज्म और एयरपोर्ट से होती बड़ी कमाई

दुबई ने तेल के अलावा पर्यटन को भी अपनी अर्थव्यवस्था का बड़ा स्तंभ बना लिया है। हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। इससे होटल, शॉपिंग, मनोरंजन और खानपान उद्योग को बड़ा फायदा होता है। इसके साथ ही Dubai International Airport से गुजरने वाले यात्रियों से विभिन्न सर्विस चार्ज और फीस भी ली जाती है, जो सरकार की आय में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

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