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Richest Temple of India और उसका रहस्यमयी खजाना, हर साल करोड़ों का चढ़ावा

Richest Temple of India
Richest Temple of India

Richest Temple of India : भारत को आस्था, श्रद्धा और धार्मिक विविधता की भूमि कहा जाता है। यहां मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास और सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा हैं। सदियों से लोग भगवान के प्रति अपनी आस्था को दान, सेवा और भक्ति के रूप में व्यक्त करते आए हैं। हर राज्य, हर शहर और हर गांव में कोई-न-कोई मंदिर ऐसा मिलता है, जिसकी अपनी अलग पहचान और मान्यता होती है। इन मंदिरों में होने वाले उत्सव, मेले और अनुष्ठान न सिर्फ आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं।

श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं कभी धन के रूप में, तो कभी सोने-चांदी और कीमती आभूषणों के रूप में… यही कारण है कि भारत के कई मंदिरों को केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आस्था और परंपरा का यही संगम भारत को विश्व के धार्मिक मानचित्र पर एक खास स्थान दिलाता है।

Richest Temple of India

जब देश के सबसे धनी मंदिर की बात होती है, तो सबसे पहले केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर का नाम सामने आता है। यह मंदिर भगवान विष्णु के एक रूप पद्मनाभस्वामी को समर्पित है और अपनी अपार संपत्ति के कारण दुनिया भर में चर्चित रहा है।

इसकी भव्य वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और आध्यात्मिक वातावरण इसे एक खास पहचान देता है। माना जाता है कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सदियों पुराने खजाने का संरक्षक भी है। पद्मनाभस्वामी मंदिर की आय सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं। अनुमान के मुताबिक, यहां हर वर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। श्रद्धालु देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में भक्त स्वर्ण आभूषण, कीमती वस्तुएं और धनराशि मंदिर को समर्पित करते हैं। यही वजह है कि यह मंदिर दुनिया के सबसे अधिक आय वाले धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

हर साल करोड़ों का चढ़ावा

पद्मनाभस्वामी मंदिर की आय सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं। अनुमान के मुताबिक, यहां हर वर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। श्रद्धालु देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में भक्त स्वर्ण आभूषण, कीमती वस्तुएं और धनराशि मंदिर को समर्पित करते हैं। यही वजह है कि यह मंदिर दुनिया के सबसे अधिक आय वाले धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

रहस्यमयी वॉल्ट

मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी आकलनों के अनुसार, इस मंदिर की कुल संपत्ति 12,000 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है। मंदिर के भूमिगत कक्षों में सोना, हीरे, रत्न, प्राचीन सिक्के और बहुमूल्य मूर्तियों का विशाल भंडार मिला है। यहां मौजूद कई वॉल्ट्स में से कुछ को खोला जा चुका है, जबकि एक वॉल्ट अब भी बंद है, जिसे रहस्यों से भरा माना जाता है। यही बंद वॉल्ट इस मंदिर को और भी रहस्यमयी और चर्चित बनाता है। पद्मनाभस्वामी मंदिर उस समय अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया, जब इसके छह दरवाजों को खोला गया और वहां से सोने, चांदी, हीरे और कीमती आभूषणों का विशाल संग्रह सामने आया।

इन खजानों की कीमत का अनुमान अरबों डॉलर में लगाया गया था। हालांकि, मंदिर के सातवें और सबसे रहस्यमयी दरवाजे को खोलने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी, जिसके बाद लोगों के बीच यह धारणा और मजबूत हो गई कि असली खजाना अभी भी छिपा हुआ है।

जरूर करें दर्शन

इसकी देखरेख त्रावणकोर के राजपरिवार द्वारा की जाती है, जो सदियों से मंदिर की परंपराओं और नियमों का संरक्षण करते आ रहे हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि वे शांति और श्रद्धा के साथ दर्शन कर सकें।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Headlines India News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

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