Yes Bank : प्राइवेट सेक्टर के चर्चित बैंकों में शामिल यस बैंक ने अपने कर्मचारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने कर्मचारी शेयर योजना यानी ESOP के तहत 50 लाख से ज्यादा नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यह शेयर उन कर्मचारियों और पात्र लोगों को दिए गए हैं जिन्होंने पहले से मिले स्टॉक ऑप्शंस का इस्तेमाल किया।

इस प्रक्रिया के जरिए बैंक को करीब 7.13 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। बैंक ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक फाइलिंग में साझा की है। इन सभी शेयरों की फेस वैल्यू 2 रुपये प्रति शेयर रखी गई है। बैंक के मुताबिक कर्मचारियों ने उन्हें पहले मिले स्टॉक ऑप्शन का उपयोग करते हुए इन शेयरों को खरीदा है।
Yes Bank ने जारी किए नए शेयर
यस बैंक ने बताया कि यह शेयर YBL PESOP 2020 और RSU Plan 2024 के अंतर्गत जारी किए गए हैं। बैंक की Nomination and Remuneration Committee ने 7 मई 2026 को 50,89,979 नए इक्विटी शेयर आवंटित करने की मंजूरी दी। दरअसल, ESOP योजना के तहत कंपनियां अपने कर्मचारियों को भविष्य में तय कीमत पर शेयर खरीदने का मौका देती हैं। इसका मकसद कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ से जोड़ना और लंबे समय तक संस्था के साथ बनाए रखना होता है।
बैंक को मिला करोड़ों रुपये का फंड
बैंक की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार इन स्टॉक विकल्पों के इस्तेमाल से Yes Bank को कुल 7,13,78,404 रुपये प्राप्त हुए हैं। बैंक प्रबंधन का मानना है कि इससे कर्मचारियों का भरोसा मजबूत होता है और कंपनी के साथ उनका जुड़ाव बढ़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ESOP स्कीम टेक और फाइनेंशियल सेक्टर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि इससे कंपनियां प्रतिभाशाली कर्मचारियों को लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखने में सफल रहती हैं।
शेयर बाजार में दबाव में दिखा Yes Bank
शेयर जारी करने की खबर के बीच शुक्रवार को यस बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब 11:50 बजे बैंक का शेयर 1.42 प्रतिशत टूटकर 22.18 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। शुक्रवार को शेयर 22.47 रुपये पर खुला था। कारोबार के दौरान यह 22.70 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि निचले स्तर पर 22.18 रुपये तक फिसल गया। बाजार जानकारों का कहना है कि नए शेयर जारी होने से शेयरों की संख्या बढ़ती है, जिसका अल्पकालिक असर कीमतों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबी अवधि में इसका असर कंपनी के प्रदर्शन और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगा।
निवेशकों की नजर आगे की रणनीति पर
Yes Bank पिछले कुछ वर्षों से लगातार अपने कारोबार और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में ESOP के जरिए कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाना बैंक की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब निवेशकों की नजर बैंक के आगामी तिमाही नतीजों और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं पर टिकी हुई है, जिससे शेयर की दिशा तय हो सकती है।
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