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Indian Coffee की विदेशों में बढ़ी मांग, एक्सपोर्ट में 27 फीसदी उछाल से कारोबार को नई रफ्तार

Indian Coffee
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Indian Coffee : भारत की कॉफी इंडस्ट्री ने साल 2026 के शुरुआती महीनों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल के बीच देश से होने वाले कॉफी निर्यात में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले साल इसी अवधि में जहां 1.37 लाख टन कॉफी विदेश भेजी गई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 1.74 लाख टन तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कॉफी की गुणवत्ता और स्वाद को लगातार पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों में भारतीय कॉफी की मांग तेजी से बढ़ी है।

Indian Coffee की विदेशों में बढ़ी मांग

इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान रोबस्टा और इंस्टेंट कॉफी का माना जा रहा है। कॉफी बोर्ड के अनुसार, रोबस्टा कॉफी के निर्यात में इस साल सबसे ज्यादा तेजी दर्ज हुई। जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान इसका एक्सपोर्ट बढ़कर 85,168 टन पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 62,736 टन था। इसके अलावा, इंस्टेंट कॉफी की री-एक्सपोर्ट कैटेगरी में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले साल जहां 30 हजार टन के आसपास निर्यात हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा 38 हजार टन से अधिक पहुंच गया। इससे साफ है कि तैयार कॉफी उत्पादों की मांग भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत बनी हुई है।

निर्यात बढ़ने से कमाई में भी बड़ा इजाफा

कॉफी निर्यात में बढ़ोतरी का सीधा असर कमाई पर भी दिखाई दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच कॉफी निर्यात से देश को करीब 936 करोड़ रुपये की आय हुई। पिछले साल इसी अवधि में यह कमाई लगभग 757 करोड़ रुपये थी। सिर्फ चार महीनों में ही कॉफी कारोबार से करीब 180 करोड़ रुपये ज्यादा की आमदनी हुई है। कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले महीनों में भारत वैश्विक कॉफी बाजार में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।

रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद

कॉफी बोर्ड ने 2025-26 सीजन में देश में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान जताया है। अनुमान के अनुसार, इस बार भारत में कुल कॉफी उत्पादन 4,03,000 टन तक पहुंच सकता है। कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बेहतर पैदावार की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, मौसम में लगातार बदलाव और जलवायु से जुड़े जोखिम अब भी चिंता का कारण बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक बारिश या तापमान में बदलाव फसल को प्रभावित कर सकता है। इसके बावजूद फिलहाल भारतीय कॉफी उद्योग के लिए बाजार का माहौल काफी सकारात्मक माना जा रहा है।

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