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Train के आखिरी डिब्बे पर बना ‘X’ क्यों होता है? जानिए इस छोटे निशान की बड़ी जिम्मेदारी

Train Railways Station
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Train Fact : अगर आपने कभी ध्यान दिया हो तो हर ट्रेन के अंतिम कोच के पीछे पीले या सफेद रंग का ‘X’ बना होता है। पहली नजर में यह सिर्फ एक साधारण निशान लगता है, लेकिन असल में यह रेलवे सुरक्षा व्यवस्था का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह संकेत बताता है कि ट्रेन पूरी तरह से गुजर चुकी है और उसका कोई भी डिब्बा पीछे नहीं छूटा है। ‘X’ एक तरह से यह प्रमाण होता है कि पूरी ट्रेन सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ चुकी है।

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स्टेशन मास्टर और ट्रैक पर तैनात रेलवे स्टाफ के लिए ‘X’ मार्क एक अहम संकेत देता है। जब कोई ट्रेन स्टेशन से गुजरती है, तो कर्मचारी इस निशान को देखकर सुनिश्चित करते हैं कि ट्रेन के सभी कोच सही सलामत हैं।

Train Fact

अगर किसी वजह से आखिरी डिब्बे पर ‘X’ नजर नहीं आता, तो यह खतरे की घंटी मानी जाती है। ऐसे में तुरंत जांच शुरू कर दी जाती है, क्योंकि इसका मतलब हो सकता है कि ट्रेन का कोई हिस्सा रास्ते में अलग हो गया है। दिन के समय तो ‘X’ का निशान आसानी से दिखाई दे जाता है, लेकिन रात या कोहरे में इसे देखना मुश्किल हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। अंतिम कोच पर ‘X’ के नीचे एक लाल रंग की एलईडी लाइट लगाई जाती है, जो लगातार टिमटिमाती रहती है। यह लाइट दूर से ही साफ दिखाई देती है और कर्मचारियों को यह बताती है कि यह ट्रेन का आखिरी हिस्सा है।

LV बोर्ड भी देता है यही जानकारी

आपने कई बार ‘X’ के साथ एक छोटा बोर्ड भी देखा होगा, जिस पर ‘LV’ लिखा होता है। इसका मतलब होता है ‘Last Vehicle’। यह भी उसी उद्देश्य से लगाया जाता है, ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने। रेलवे नियमों के मुताबिक, हर ट्रेन के अंतिम कोच पर यह बोर्ड होना जरूरी है। ‘X’ और ‘LV’ मिलकर सुरक्षा की दोहरी पुष्टि करते हैं। अगर किसी स्टेशन से गुजरती ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर न ‘X’ दिखे, न ‘LV’ बोर्ड और न ही लाल लाइट, तो इसे गंभीर आपात स्थिति माना जाता है। इसका मतलब हो सकता है कि ट्रेन के कुछ डिब्बे पीछे छूट गए हैं या कोई तकनीकी खराबी हुई है। ऐसी स्थिति में रेलवे तुरंत अलर्ट हो जाती है और संबंधित ट्रैक पर जांच व रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया जाता है।

ट्रेन के पीछे बना ‘X’ कोई मामूली निशान नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा का एक मजबूत सिस्टम है। अगली बार जब आप ट्रेन से सफर करें और इस निशान को देखें, तो समझ जाइए कि यह आपकी सुरक्षित यात्रा का एक अहम हिस्सा है।

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