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Varanasi Schools: कक्षा 6 से ही छात्रों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी

Varanasi Schools : वाराणसी में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण कक्षा 6 से ही दिया जाएगा। अब तक यह व्यवस्था कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए लागू थी, लेकिन नई योजना के तहत इसे और नीचे तक विस्तारित करने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से ही रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ना है।

यह योजना उत्तर प्रदेश में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी। इसे इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी चल रही है। फिलहाल प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

Varanasi Schools

नई व्यवस्था के तहत, स्कूलों में स्किल से जुड़ी आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स में छात्रों को विभिन्न व्यावसायिक और तकनीकी क्षेत्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही स्कूलों को उद्योगों और कौशल विकास संस्थानों से जोड़ा जाएगा ताकि छात्रों को वास्तविक कार्य वातावरण का अनुभव मिल सके। योजना के तहत, स्कूलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिनमें सामान्य और तकनीकी मिश्रित मॉडल स्कूल शामिल होंगे। इसके अलावा स्किल शिक्षा के लिए विशेष शिक्षकों की तैनाती भी की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) भोलेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार इस योजना पर अभी मंथन चल रहा है और इसे शासनादेश के अनुसार लागू किया जाएगा।

ITI और संस्थानों का सहयोग

छात्रों को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) और अन्य कौशल संस्थानों से जोड़कर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक कौशल से जोड़ना है, जिससे वे भविष्य में रोजगार या स्वरोजगार के लिए तैयार हो सकें। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा से रोजगार तक एक आसान और प्रभावी मार्ग प्रदान करना है। इससे छात्र यदि आगे पढ़ाई छोड़ना चाहें तो भी उनके पास कौशल आधारित विकल्प मौजूद रहेंगे। वहीं, उच्च कक्षाओं तक पहुंचने वाले विद्यार्थी भी उद्योगों और रोजगार के लिए पहले से तैयार होंगे। यह पहल शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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