UP Police Exam : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पुलिस भर्ती परीक्षा और विभिन्न जनभागीदारी कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि युवाओं, किसानों और आम नागरिकों से जुड़े हर कार्यक्रम को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।
बैठक में पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जाएगी।
UP Police Exam 2026
परीक्षा दो-दो पालियों में होगी और इसमें करीब 29 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी परीक्षा को देखते हुए सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और निगरानी व्यवस्था को लेकर विस्तृत योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं और प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन करे। इसके साथ ही 6 जून को व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अभ्यर्थियों की सुविधा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा देने आने वाले युवाओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी अभ्यर्थी को धूप में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, छाया, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही परिवहन विभाग को विशेष बसों के संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए ताकि दूर-दराज से आने वाले उम्मीदवारों को आसानी हो। CM ने चेतावनी दी कि परीक्षा के दौरान कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन किया जाए ताकि अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति न बने।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे जनकल्याण शिविर
मुख्यमंत्री ने 14 से 16 जून के बीच विकास खंड स्तर पर जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेलों के आयोजन के निर्देश भी दिए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है जो अभी तक विभिन्न योजनाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। साथ ही जिलों की उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल आयोजित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को गांवों में रात्रि प्रवास भी करना चाहिए। इससे स्थानीय समस्याओं को नजदीक से समझने और उनका त्वरित समाधान निकालने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद मजबूत होना चाहिए।
जनआंदोलन बनाने की तैयारी
बैठक में विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए भी अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जून से 21 जून तक आयोजित कार्यक्रम केवल सरकारी आयोजन न बनें, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से जनआंदोलन का रूप लें। शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्योगपतियों, युवा उद्यमियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर प्रदेश और देश के विकास पर चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें सहभागी बने।
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